-- यूपीटीयू ने इंटेल कंपनी से साइन किया एमओयू

-- स्टूडेंट्स को रिसर्च करने में होगी सहूलियतें

BAREILLY: उत्तर प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी (यूपीटीयू) ने अपने स्टूडेंट्स को बेहतर जॉब मुहैया कराने के कदम में एक सार्थक पहल की है। इंडस्ट्री की डिमांड के मुताबिक अब यूपीटीयू के स्टूडेंट्स लेटेस्ट डिजिटल टेक्नोलॉजी से लैस होंगे। जिससे वे इंडस्ट्री की डिमांड के मुताबिक स्किल्स हासिल कर सकें और प्लेसमेंट करने वाली कंपनीज की नजर में आ सकें। इसके लिए यूपीटीयू ने इंटेल कंपनी के साथ मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टैडिंग (एमओयू) साइन किया है। कंपनी यूनिवर्सिटी को टेक्निकली सपोर्ट देगी। टीचर्स को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे स्टूडेंट्स मौजूदा मार्केट के लेटेस्ट नॉलेज से रूबरू हो सकें।

क्0 मार्च को हुआ करार

यूपीटीयू ने कंपनी के साथ क्0 मार्च को करार किया है। इस ऑकेजन पर वीसी प्रो। आरके खांडल, कंपनी के कॉरपोरेट अफेयर्स के डायरेक्टर व हायर एजूकेशन एंड आन्त्रप्रेन्योर के हेड और यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड इंस्टीट्यूट्स के डायरेक्टर्स भी शामिल थे। नेशनल इंप्लॉयबिलिटी मिशन के तहत यूनिवर्सिटी ने यह करार किया है। ताकि स्टूडेंट्स को इंडस्ट्री की डिमांड के अनुसार तैयार कर सकें। कंपनी यूनिवर्सिटी को हर संभव टेक्निकल सपोर्ट देगी। स्टूडेंट्स को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की स्टडी मैटीरियल और ट्रेनिंग प्रोवाइड कराया जाएगा। करिकुल में भी इंक्लूड किया जाएगा। जिससे वे डिमांड के अनुसार स्किल्ड हो सकें।

रिसर्च पर होगा फोकस

कंपनी के टेक्निकल सपोर्ट से यूनिवर्सिटी रिसर्च पर ज्यादा फोकस करेगी। खासकर बायोमेडिकल हेल्थ केयर किट्स, इलेक्ट्रोनॉनिक्स प्रोडक्ट्स, एग्रीकल्चर इंस्ट्रूमेंटेंशन और रोबोटिक्स के एरिया में रिसर्च वर्क किया जाएगा। यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड इंजीनियरिंग कॉलेजेज के टीचर्स और स्टूडेंट्स को रिसर्च वर्क में काफी फायदा मिलेगा। अभी तक टेक्नोलॉजी में क्वालिटी रिसर्च वर्क के लिए स्टूडेंट्स को स्टेट से बाहर का रुख करना पड़ता था। लेकिन अब उन्हें भी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर रिसर्च करने का मौका मिलेगा।

डिजिटली ट्रेंड होंगे टीचर्स और स्टूडेंट्स

इस करार की वजह से स्टूडेंट्स और टीचर्स डिजिटली ट्रेंड होंगे। यूपीटीयू ने नोएडा और लखनऊ कैंपस में लैब बनाने की योजना बनाई है। कंपनी टीचर्स को डिजिटल टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देगा। फैकल्टी ट्रेंड होगी तो स्टूडेंट्स को भी लेटेस्ट नॉलेज गेन करने का मौका मिलेगा और वे भी लैब में प्रैक्टिकल नॉलेज का लाभ उठा सकेंगे। टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यूपीटीयू की फैकल्टी अब और अपडेट होगी। यूनिवर्सिटी को ऐसा प्लेटफॉर्म मिलेगा जहां पर एकेडमिक एक्सपर्ट और इंडस्ट्री के एक्सपर्ट क्वालिटी रिसर्च के संबंध में अपने आइडियाज शेयर कर सकते हैं।

बदलेगा बीटेक का कोर्स

करार के साथ ही यूनिवर्सिटी ने बीटेक के कोर्स में भी बदलाव करने की कवायद शुरू कर दी है। हालांकि फ‌र्स्ट ईयर का कोर्स लास्ट ईयर ही बदल दिया गया था। इस बार सेकेंड, थर्ड और फोर्थ ईयर के कोर्स में बदलाव किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के मुताबिक स्टूडेंट् में इंडस्ट्री के मुताबिक स्किल्स डेवलप करने के लिए सिलेबस में क्षेत्रीय जरूरतों को शामिल किया जाएगा। इंडस्ट्री की डिमांड को फोकस करने की वजह से स्टूडेंट्स जॉब के ज्यादा मौके मिलेंगे। यूनिवर्सिटी पूरी कोशिश इनोवेटिव आईडिया जेनरेट करने की है। इसके लिए स्टूडेंट्स को लेटेस्ट प्रैक्टिकल नॉलेज के साथ व्यवहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी।

- कंपनी के साथ एमओयू साइन होने के बाद यूनिवर्सिटी को कई तरह के फायदे होंगे। टेक्निकली सपोर्ट मिलेगा, जिससे यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ट्रेंड होगी। इनोवेटिव रिसर्च होंगे। स्टूडेंट्स लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से स्किल्ड होंगे और उन्हें रोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे।

- प्रो। आरके खांडल, वीसी, यूपीटीयू