गोरखपुर (ब्यूरो)।इसमें सबसे 2410 कंज्यूमर्स वितरण खंड चौरीचौरा के हैं। जिन पर 20.3 करोड़ रुपए का बकाया है। फरमान आने के बाद सभी अफसर गर्मी में फील्ड में उतरकर पसीना बहा रहे हैं। चूंकि पत्र सभी के नाम से आया है इसलिए जवाबदेही भी व्यक्तिगत रूप से बनेगी, इसलिए सभी एक्सईएन टारगेट पूरा करने के लिए हैरान-परेशान हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि एक्सईएन को नाम से व्यक्तिगत पत्र आया है।

5 दिन और बचे

चेयरमैन एम देवराज का पत्र आए 3 दिन हो गए हैं। टारगेट पूरा करने के लिए 5 दिन और बचे हैं। हालात यह हैं कि दबाव में एक्सईएन दो माह में अगर 5000 का भी बकाया है तो कनेक्शन काटकर अपना बचाव करने लगे हैं ताकि चेयरमैन को बताया जा सके कि बकाया न मिलने पर कनेक्शन विच्छेदित कर दिया गया है। चेयरमैन का पत्र किसी को छह तो किसी को 7 मई को आया। सभी एक्सईएन को जब ये पत्र मिला तो उनकी बेचैनी बढ़ गई क्योंकि पत्र के साथ बकायेदारों की संख्या व बकाए का भी श्रेणीवार उल्लेख है। इसमें साफतौर पर बताया गया कि उनके इलाके में किस किस उपभो1ता पर कितना और कब से बिजली बकाया है। 15 मई तक वसूली हर हाल में सुनिश्चित की जानी है।

जेई को सौंपा टारगेट

शहरी क्षेत्र के चारों एक्सईएन ने अपने खण्ड के एसडीओ व जेई को भी लक्ष्य देकर वसूली में लगा दिया है। पिछले दिन रुस्तमपुर के एसडीओ ने बेतियाहाता, मोहद्दीपुर के एसडीओ ने चारफाटक व गायत्रीनगर क्षेत्र में अभियान चलाकर महज 5 हजार व 6 हजार के बकाए में दर्जनों कनेक्शन काटवा दिए। इससे हैरान-परेशान उपभोक्ताओं ने ड्यू डेट अभी 20 मई तक होने की बात कहीं। अफसरों ने बताया कि दो महीने का बकाया होने के कारण कनेक्शन काटा गया है। इसके बाद उपभोक्ताओं ने भुगतान जमा कर कनेक्शन जोड़वाया।

इन वितरण खण्डों में आया चेयरमैन का पत्र

वितरण खण्ड बकाएदार बकाया राशि

ग्रामीण वितरण खण्ड प्रथम 1653 6.50 करोड़

ग्रामीण वितरण खण्ड द्वितीय 3302 14.89 करोड़

वितरण खण्ड सिकरीगंज 1667 8.75 करोड़

वितरण खण्ड कौड़ीराम 1634 5.44 करोड़

वितरण खण्ड चौरीचौरा 2410 20.03 करोड़

वितरण खण्ड कैम्पियरगंज 1152 6.35 करोड़

नगरीय वितरण मण्डल 2750 5.80 करोड़

चेयरमैन ने सभी एक्सईएन को व्य1ितगत पत्र भेजकर बकाएदारों से राजस्व वसूली करने को कहा है। सभी एक्सईएन अपने क्षेत्र में बकाएदारों से वसूली सुनिश्चि करने में जुटे है। सभी एसई रोजाना बकाएदारों से वसूली व कार्रवाई की समीक्षा कर रहे है।

- ई। आशु कालिया, मुख्य अभियंता, गोरखपुर जोन