गोरखपुर (ब्यूरो)। बीएसपी के कोर वोटर्स अपनी पार्टी के साथ ही रहे, जिसकी वजह से सपा को जीत नहीं मिल सकी। चिल्लूपार विधानसभा के मतों की गिनती गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कन्वेंशन हॉल में शुरू हुई। पहले पोस्टल बैलेट के मतों की गिनती शुरू हुई। सुबह 8:30 बजे से ईवीएम से काउंटिंग का सिलसिला शुरू हो गया। उरुवा ब्लॉक के बूथों की गिनती में पहले चक्र का परिणाम घोषित किया गया। इसमें राजेश त्रिपाठी को 3006 मत मिले। दूसरे नंबर पर बसपा के राजेंद्र सिंह उर्फ पहलवान सिंह रहे। उन्हें 1130 मत मिले। तीसरे नंबर पर सपा के विनय शंकर तिवारी को 983 मत मिले। थोड़ी देर में दूसरे राउंड का परिणाम आया, तो विनय शंकर तिवारी 3066 मतों के साथ दूसरे नंबर पर आ गए। इसके बाद हर राउंड में राजेश त्रिपाठी और विनय शंकर तिवारी के बीच का अंतर बढ़ता गया।

ग्रामीण विधानसभा: पुराने तरीके से वोट मांगते रहे विजय बहादुर, विपिन का हाईटेक प्रचार

ग्रामीण विधानसभा में इस बार भी कांटे की टक्कर देखने को मिली। शुरुआत में बीजेपी उम्मीदवार विपिन सिंह ने लीड ली, लेकिन तीसरे राउंड की काउंटिंग के बाद ही सपा कैंडिडेट विजय बहादुर यादव आगे निकल गए। राउंड दर राउंड अंतर बढ़ रहा था, लेकिन इसके बाद फिर पासा पलटा और विपिन सिंह जीत की ओर बढ़ते चले गए। काउंटिंग का सिलसिला शुरू हुआ तो पहले और दूसरे चक्र की काउंटिंग में मिले वोटों से बीजेपी कैंडिडेट और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। 11वें चक्र तक सपा प्रत्याशी ने साढ़े सात हजार मतों की बढ़त ले ली तो भाजपा खेमे में इस सीट को लेकर ङ्क्षचता बढ़ गई। 13वें राउंड में जहां जीत का अंतर कम हुआ, वहीं 16वें राउंड तक विपिन ने बढ़त बनानी शुरू कर दी। उसके बाद भाजपा की बढ़त का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह जीत के साथ ही थमा। 33 राउंड की काउंटिंग के बाद विपिन ङ्क्षसह को 24 से ज्यादा मतों से जीत मिली। विजेता विपिन ङ्क्षसह को 126376 तो विजय बहादुर को 102306 मत मिले। भाजपा नेतृत्व की देख-रेख में विपिन सिंह ने हाईटेक और प्रोफेशनल पॉलिटिक्स की। जबकि विजय बहादुर परंपरागत तरीके से वोट मांग रहे थे।

चौरीचौरा: बिरादरी का वोट सहेजने में कामयाब रहे सरवन

चौरीचौरा में उम्मीद के मुताबिक मुकाबला नहीं देखने को मिला। बीजेपी से बगावत कर चुनावी समर में निर्दलीय मैदान में कूदे अजय सिंह टप्पू ने न जीत हासिल और न ही बीजेपी को नुकसान ही पहुंचा सके, हालांकि उन्होंने वोट खूब पाए। इस सीट पर बीजेपी-निषाद पार्टी के संयुक्त उम्मीदवार सरवन निषाद ने भारी विरोध के बाद भी जीत हासिल की। सरवन जहां अपनी बिरादरी का वोट सहेजने में कामयाब रहे, वहीं बीजेपी के कोर वोटर्स ने भी उनका साथ दिया और उन्हें भारी अंतर से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी पोजीशन पर रहे सपा के कैप्टन बृजेश चंद्र लाल 50 हजार वोट पाने में तो कामयाब रहे, लेकिन बसपा के कोर वोटर्स यहां पर भी सपा के साथ नहीं आए, जिसकी वजह से वह भी लीडिंग कैंडिडेट के आसपास नहीं फटक सके। सरवन निषाद ने पहले राउंड से ही बढ़त बनाई और आखिरी तक कोई भी कैंडिडेट उनसे आगे नहीं निकल सका। सरवन को 91958 वोट पाने में कामयाब रहे, जबकि सपा उम्मीदवार को 50831 वोट मिले। अजय सिंह टप्पू को भी 29582 वोट मिले। जबकि बीएसपी के वीरेंद्र पांडेय को 25077 वोट मिले हैं।