गोरखपुर (ब्यूरो)।कार्यक्रम के शुरूआत में चीफ गेस्ट वीसी प्रो। पूनम टंडन ने फसल प्रदर्शन परिक्षेत्र में काले गेहूं की बोआई का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि हमें मृदा को उपजाऊ और जीवंत रखने के लिए पूर्वजों का अनुसरण करना ही होगा। इसके लिए जरूरी है कि परंपरागत खेती को अपनाएं और अधिक से अधिक जैविक देशी खाद का उपयोग करें। उपस्थित लोगों को वीसी ने खेत, अपनी फसलों व अपने गांव की मिट्टी को बचाने का संकल्प दिलाया।
पौष्टिक भोजन से हो रहे दूर
इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर प्रो। शरद कुमार मिश्र ने कहा कि मिट्टी की बिगड़ी सेहत बेहद चिंताजनक है। किसानों को तो नुकसान है ही, आमजन का भी स्वास्थ खराब हो रहा क्योंकि वे पौष्टिक भोजन से दूर होते जा रहे हैं। मिट्टी की बिगड़ी सेहत को सुधारने का संकल्प केवल नीतियों और वैज्ञानिक विधियों से ही संभव नहीं है, बल्कि समुदाय और स्वयं के स्तर पर भी पहल जरूरी है। कार्यक्रम के अंत में वीसी प्रो। पूनम ने हरी झंडी दिखाकर जन जागरूकता रैली को रवाना किया। इसमें यूजी और पीजी के सभी स्टूडेंट्स ने पार्टिसिपेट किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रजिस्ट्रार प्रो। शांतनु रस्तोगी, डीएसडब्ल्यू प्रो। अनुभूति दूबे, प्रॉक्टर प्रो। सतीश चंद्र पांडेय, प्रो। विमलेश कुमार मिश्र, प्रो। मनीष कुमार श्रीवास्तव, एसएफसी डायरेक्टर प्रो। आरपी सिंह, प्रो। उमेश नाथ त्रिपाठी, प्रो। राजर्षि कुमार गौर, प्रो। प्रत्यूष दूबे, प्रो। जितेंद्र मिश्र, डॉ। मनीष पांडेय गुप्त आदि मौजूद रहे।