केस वन

घर पर आइसोलेशन में रहते हुए मैं डॉक्टर के बताए उपचार और योग की मदद से कोविड के इस भयानक दौर में दूसरे स्ट्रेन से मात्र दो हफ्ते में स्वस्थ हो गया। मुझे हॉस्पिटल जाने की जरूरत महसूस नहीं हुई। इस समय हमारे हेल्थकेयर सिस्टम पर बहुत ही ज्यादा लोड है, इसलिए प्रारंभिक सिम्टंम्स महसूस होने पर ही पैनिक हुए बिना होम आइसोलेशन में रहते हुए उचित मेडिसिन और प्रॉपर रूटीन के अनुसार उपचार किया जाए तो आधे से अधिक मरीज घर पर ही ठीक हो सकते हैं और हेल्थकेयर के सीमित संसाधनों को सीरियस मरीजों के लिए प्रयोग में लाया जा सकता है।

केस टू

दाउदपुर की रहने वाली उíमला सिंह (67 वर्ष)बताती हैं कि उनके घर में तीन लोग कोविड पॉजिटिव थे। सभी लोग एसिम्प्टोमैटिक थे, लेकिन घर में रहकर अपने आपको अलग अलग कमरे आईसोलेट कर लिया था। कोविड प्रोटोकॉल के तहत गर्म पानी, काढ़ा, नींबू पानी, हल्दी वाली दूध का सेवन किया। घर में साफ-सफाई के साथ-साथ सेनेटाइजर का इस्तेमाल करते रहे। जो दवा दी गई थी। उसका सेवन किया। खाने में पौष्टिक भोजन का सेवन किया। योगा, प्राणायाम करना नहीं भूलती हैं। बहु दीप्ती व बेटा अभिषेक का भरपूर का सहयोग रहा।

यह दो केस बानगी भर है। ऐसे ढेरों लोग हैं, जिन्होंने बगैर हॉस्पिटल गए कोरोना के इस खतरनाक स्ट्रेन को मात दी है और होम आइसोलेशन में रहकर ही स्वस्थ हुए हैं। जबकि इन दिनों लोगों में इतना डर बैठ गया है कि कोविड पेशेंट्स के सीरियस होने से पहले ही वह उसे लेकर हॉस्पिटल का चक्कर लगाने लग रहे हैं, जहां उनका इंफेक्शन और बढ़ जा रहा है, जिससे कई बार मुश्किलें भी पैदा हो जा रही हैं।

65 फीसद होम आइसोलेशन में स्वस्थ हुए

हेल्थ डिपार्टमेंट ने ऐसे लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कोविड के होम आइसोलेशन संबंधित प्रोटोकॉल का पालन कर इस बीमारी को बिना हॉस्पिटल गए ही शिकस्त दी जा सकती है। जिले के 46034 कोविड मरीजों के सापेक्ष 7600 मरीजों ने यही विकल्प चुना। यानि 65 फीसदी से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में कोविड को हरा चुके हैं। इस समय भी बड़ी तादाद में लोगों का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। सीएमओ डॉ। सुधाकर पांडेय का कहना है कि बस इस बात का ध्यान देना है कि अगर ऑक्सीजन का लेवल 94 से नीचे हो या फिर सांस संबंधित व अन्य कोई गंभीर परेशानी महसूस हो तो इंटीग्रेटेड कोविड कमांड सेंटर की मदद से अस्पताल में इलाज करवाना बेहतर है। होम आइसोलेशन का निर्णय भी स्वयं से नहीं लेना चाहिए। अगर चिकित्सकीय सलाह है तभी यह फैसला लें अन्यथा अस्पताल का विकल्प चुनें।

9252 आए नए मामले

- सीएमओ ने बताया कि जिला सíवलांस अधिकारी डॉ। एके चौधरी की देखरेख में सíवलांस टीम प्रत्येक कोविड मरीज की कांटैक्ट ट्रेसिंग कर रही है।

- टेस्ट और ट्रिटमेंट के जरिए कोविड को हराने का प्रयास जारी है।

- जिले में 14 मार्च से 4 मई के बीच 9252 नए कोरोना मामले सामने आए।

- इन केसेज के सापेक्ष 97743 लोगों की कांटैक्ट ट्रेसिंग की गई।

- कोविड मरीज से हफ्ते भर में संपर्क में आए सभी लोगों की ट्रेसिंग की जाती है।

- वहीं सीएमओ डॉ। पांडेय ने गोरखपुराइट्स से अपील की है कि अगर कोविड मरीज के संपर्क में आ जाते हैं, तो जांच अवश्य करवा लें।

- सामान्य कोविड मरीज होम आइसोलेशन के नियमों का पालन करें।

- लोग मास्क, दो गज दूरी, हाथों की स्वच्छता के नियमों को गंभीरता से आत्मसात करे।

- अपने हाथों ने नाक, मुंह और आंख को न छुएं।

- अगर पास-पड़ोस में कोई प्रवासी हो या बाहर से आया व्यक्ति हो तो उसे भी कोविड जांच के लिए प्रोत्साहित करे।

होम आइसोलेशन में इन बातों का रहे ख्याल

- घर के अन्य सदस्यों से दूरी रहे। मरीज अलग हवादार कमरे में रहें जहां खिड़कियां खुली हों।

- घरवालों से अलग शौचालय व बाथरूम हो। अलग शौचालय व बाथरूम का इस्तेमाल करें।

- मरीज को हमेशा ट्रिपल लेयर मास्क पहनना है। यह मास्क छह से आठ घंटे में बदलना है।

- प्रयोग किए गए मास्क को पेपर बैग में लपेट कर तीन दिन के बाद ही सामान्य डस्टबीन में डालें।

- साबुन पानी से हाथों को 40 सेकेंड तक अच्छी तरह से धोएं या 70 प्रतिशत एल्कोहलयुक्त हैंड सेनेटाइजर का प्रयोग करें।

- हमेशा मास्क, रूमाल या कोहनी में ही खांसे या छींके।

- मरीज का बर्तन, तौलिया और चादर अलग होना चाहिए।

- दिन में दो बार बुखार और ऑक्सीजन के स्तर की जांच करें।

- अगर शुगर, बीपी या अन्य कोई रोग हो तो उसका इलाज जारी रखें।

- पानी, ताजा जूस, शूप, ताजा फल, सब्जी, प्रोटिन युक्त आहार ज्यादा लें।

- शराब, धूम्रपान या नशीली चीज का सेवन न करें।

- पालतू जानवरों से दूर रहें।

- आरआरटी और चिकित्सक की सलाह मानें।

- न घर पर किसी को बुलाएं और न ही घर से बाहर जाएं।

- मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउलोड कर 24 घंटे जीपीएस और लोकेशन ऑन रखें।

दिक्कत हो तो यहां करें फोन

जिला सíवलांस अधिकारी ने बताया कि अगर होम आइसोलेशन के दौरान मरीज को तकलीफ हो तो अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए आईसीसीसी के हेल्पलाइन नंबर 9532797104, 9532041482, 0551-2202205 और 0551-2204196 पर सूचित कर दें।