- 'शरद काल में रेल पथ की संरक्षा में बरती जाने वाली सावधानी' विषय पर सेमिनार आयोजित

-एनई रेलवे इंस्टीच्यूट के आफ परमानेंट वे इंजीनिरिंग की ओर से हुआ आयोजन

GORAKHPUR: इंस्टीच्यूट ऑफ परमानेंट वे इंजीनिरिंग की ओर से 'शरद काल में रेल पथ की संरक्षा में बरती जाने वाली सावधानी' विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। रेलवे ऑफिसर्स क्लब में आयोजित सेमिनार के चीफ गेस्ट एनई रेलवे के एजीएम एसएल वर्मा थे। अध्यक्षता चीफ इंजीनियर पीडी शर्मा ने की।

एसएल वर्मा ने कहा कि आयोजन से संरक्षित रेल संचलन में लाभ मिलेगा। शरद काल में सिग्नल दृश्यता एक अहम समस्या है, जिसे दूर करने के लिए नए उपकरण लगाए गए हैं। फिर भी हमें धुंध के समय गाड़ी संचलन में विशेष सावधानी बरतनी होगी।

पैसेंजर की सुरक्ष्ा सर्वोपरि

पीडी शर्मा ने अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिया कि धुंध के दौरान संरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें। पैसेंजर के जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। मुख्य रेल पथ इंजीनियर एससी श्रीवास्तव ने रेल संरक्षा नियम पर विस्तार से चर्चा की। इसमें वरिष्ठ मंडल इंजीनियर, लखनऊ पीके सिंह, सचिव/प्रमुख मुख्य इंजीनियर रविंद्र मेहरा, अधिशासी इंजीनियर/टीएमसी मनीष कुमार, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर/गोंडा कैलाश नारायन ने भी विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे। इस दौरान रेल पथ संरक्षा से संबंधित प्रश्न पूछे गए और सही जवाब देने वाले कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया।