गोरखपुर (अनुराग पांडेय)।बोर्ड ने इस एकेडमिक सेशन में 10वीं में बेसिक मैथ्स पढऩे वाले स्टूडेंट्स को भी मेन मैथ्स (041) पढऩे का मौका दिया है। गोरखपुर के सभी सीबीएसई स्कूलों में गुरुवार को बोर्ड ने नोटिस भेजकर इसकी जानकारी दी।

कोरोना काल में दी गई थी राहत

सीबीएसई के रूल के अनुसार हाईस्कूल में वे स्टूडेंट, जिनकी मैथ्स कमजोर है। वह स्टूडेंट बेसिक मैथ्स लेकर पढ़ाई करता है, जबकि तेज स्टूडेंट स्टैंडर्ड मैथ्स (041) लेकर पढ़ाई करते थे। उन्हें आगे भी मैथ्स जारी रखने के लिए 11वीं में मैथ्स (041) मिलती है। जबकि बेसिक मैथ्स (241) पढऩे वाले स्टूडेंट्स को 11वीं में केवल अप्लीकेशन मैथ्स लेने की परमिशन है। सेशन 2022 कोविड काल में स्टूडेंट की पढ़ाई प्रभावित हुई थी। लिहाजा बोर्ड ने एक साल के लिए हाईस्कूल में स्टैंडर्ड के साथ ही बेसिक मैथ्स पढऩे वाले स्टूडेंट्स को गणित (041) लेने की सुविधा दी थी। यह रूल केवल एक साल के लिए लागू किया गया था।

स्कूलों की डिमांड पर डिसीजन

नए सेशन में ढेर सारे सीबीएसई स्कूलों ने बोर्ड को अप्लीकेशन भेजा था। स्कूलों का कहना था कि हाईस्कूल में भूलवश स्टूडेंट के फार्म में बेसिक मैथ्स भर दिया गया है। जबकि स्टूडेंट 11वीं में मैथ्स (041) से 11वीं की पढ़ाई करना चाहता है। स्कूलों ने बोर्ड से इस साल राहत प्रदान करने का निवदेन किया था। अधिक स्कूलों की डिमांड आने के बाद बोर्ड ने यह फैसला लिया है।

अब स्कूल का अहम रोल

बोर्ड ने अपनी तरफ से छूट दे दी है। साथ ही स्कूलों को भी जिम्मेदारी सौंपी है कि योग्य स्टूडेंट ही आगे मैथ्स (041) पढ़ें। इसके लिए वे उनका टेस्ट लें, ताकि ये पता चल सके कि स्टूडेंट 11वीं, 12वीं में मैथ्स से पढ़ाई जारी रखने के साथ ही वह अच्छे नंबर से पास होने की क्षमता भी रखता है। कमजोर बच्चे को मैथ्स (041) देने पर बोर्ड के रिजल्ट पर भी असर पड़ेगा। इसलिए स्कूल गंभीरता से अध्ययन करके मैथ्स पढऩे के लिए स्टूडेंट का चयन करेंगे।

दसवीं क्लास में बहुत से बच्चों के फॉर्म में गलती से बेसिक मैथ्स भर दिया गया था। जबकि वो बच्चा मैथ्स में अच्छा है। ऐसे में बोर्ड ने अच्छा फैसला लिया है। जो स्टूडेंट आगे मैथ्स से पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, उनके लिए अच्छा डिसीजन है।

- अजय शाही, अध्यक्ष गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन