गोरखपुर (ब्यूरो). दरअसल, गोरखपुर जिले में करीब छह साल बाद जमीन का सर्किल रेट बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। निबंधन विभाग द्वारा छह तहसीलों में नए सर्किल रेट के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यह प्रस्ताव एडीएम एफआर राजस्व राजेश कुमार सिंह को सौंप दिया गया है। सदर तहसील क्षेत्र की रिपोर्ट भी जल्द तैयार होने की संभावना है। सभी तहसीलों की रिपोर्ट आने के बाद डीएम विजय किरन आनंद की अध्यक्षता में मीटिंग कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

लगातार बढ़ रहा जमीन का रेट

बता दें, सिटी व रुरल एरिया के जमीनों का रेट बढ़ गया है। खुद से ही रेट तय कर मनमानी वसूली कर रहे हैैं। बताया जा रहा है कि गोरखपुर में विभिन्न विकास परियोजनाओं के कारण सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। इसके विपरीत जमीन का बाजार मूल्य लगातार बढ़ता गया है। पिछले साल भी रिपोर्ट तैयार की गई थी लेकिन सर्किल रेट नहीं बढ़ सका था। सदर तहसील क्षेत्र के दोनों जोन से सर्किल रेट की नई दरों को लेकर प्रस्ताव आना अभी शेष है। एआइजी स्टांप कमलेश शुक्ला ने बताया कि जल्द ही इन दोनों कार्यालयों की भी रिपोर्ट तैयार हो जाएगी।

चौरीचौरा व पिपराइच तक पहुंचा जीडीए का दायरा

एआईजी स्टांप ने बताया कि जमीन का सर्किल रेट न बढऩे से निबंधन विभाग को राजस्व का लक्ष्य प्राप्त करने में भी परेशानी हो रही है। राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य हर साल बढ़ता जा रहा है। निबंधन विभाग से जुड़े जिम्मेदारों की मानें तो इस बार 10 से 15 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढऩे की संभावना है। वहीं, जीडीए का दायरा बढऩे से विकास कार्य तेज हो गया है। सिटी व आसपास एरिया में चौरी चौरा, पीपीगंज एवं पिपराइच तक का हिस्सा गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के दायरे में आ चुका है, जिससे इन क्षेत्रों में विकास कार्य तेज हुए हैं। तेजी से बैनामा भी कराया जा रहा है।

वर्तमान में जमीनों के मार्केट रेट

मेडिकल कालेज रोड मुख्य सड़क - 10,000-15,000

राप्तीनगर - 3500-6,000

बशारपुर - 2500-4,000

रामपुर उर्फ रामगढ़ - 3,000-4,000

रामगढ़ताल - 4,000 - 6,000

शाहपुर - 3,000 - 5,000

भेडिय़ागढ़ - 2,000 - 5,000

(नोट: जमीन के रेट रुपए प्रति स्क्वॉयर फीट में हैं.)