- मार्केट अनलॉक्ड

- इलेक्ट्रॉनिक मार्केट में डिजिटल पेमेंट पर जोर

- फेस मास्क और सेनिटाइजर मस्ट, सिटिंग अवॉयड

GORAKHPUR: मार्केट में लोगों को निकलना मजबूरी है। लगन का सीजन है और लोग शादी के सामानों की खरीदारी करने में जुटे हैं। ऐसे में फ्रिज, टीवी और वॉशिंग मशीन जोकि बुनियादी जरूरतों में शामिल है, लोगों को खरीदना जरूरी ही नहीं मजबूरी भी है। अब मार्केट में इसको लेकर क्या तैयारी है, इसको लेकर काफी लोगों के मन में ढेरों कनफ्यूजन भी है। इसे दूर करने के लिए दैनिक जागरण आई नेक्स्ट की टीम ने मार्केट अनलॉक्ड कैंपेन सीरीज में इलेक्ट्रॉनिक मार्केट से जुड़े लोगों से बातचीत की और उनसे तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान यह बात सामने आई कि शॉप ओनर्स आपको सामान देखने में तो मदद करेंगे ही, वहीं अगर किसी को फिजिकली देखना है, तो भी वह इसके लिए अपने स्टाफ के जरिए आपको इसकी क्वालिटी दिखाएंगे। लेकिन अभी फिलहाल टच और करीब जाने को लेकर मनाही है।

डिजिटली करें पेमेंट

मार्केट में मास्क, थर्मल स्कैनिंग और सेनिटाइजर की व्यवस्था तो लगभग सभी शॉप ओनर्स ने कर रखी है। इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की शॉप से जुड़े लोगों की तो उन्होंने अपने स्टाफ के लिए ग्लव्ज, मास्क और सेनिटाइजर की व्यवस्था कर रखी है। वहीं शॉप का भी रेग्युलर सेनिटाइजेशन कराया जा रहा है, जिससे इंफेक्शन की चांसेज कम हो सकें। इतना ही नहीं, पेमेंट भी कैश न हो, इसके लिए भी वह काफी कोशिशें कर रहे हैं। कार्ड स्वैप के साथ ही भीम, यूपीआई और दूसरे डिजिटल पेमेंट ऑप्शन तो हैं ही, वहीं अगर कोई कैश लेकर ही आया है, तो सभी करंसी को सेनिटाइज करने के बाद ही पेमेंट लिया जा रहा है और वैसे ही उन्हें बचे हुए पैसे भी लौटाए जा रहे हैं।

यह है व्यवस्था -

- फेस मास्क

- सेनिटाइजर

- सिटिंग अवॉयड

- कस्टमर्स टच न करें

- पेमेंट डिजिटल, क्यूआर कोड, भीम और यूपीआई

- एक दिन छोड़कर पूरी शॉप का सेनिटाइजेशन

- सोशल डिस्टेंसिंग की व्यवस्था, कम से कम छह फीट

- दरवाजे और रेग्युलर टच की चीजों का हर छह घंटे पर सेनिटाइजेशन

-एंप्लाइज के लिए सेफ्टी किट, ग्लव्ज, मास्क की व्यवस्था

गवर्नमेंट की गाइडलाइन को पूरी तरह से फॉलो किया जा रहा है। बिना मास्क के किसी की एंट्री नहीं है, वहीं स्टाफ मेंबर्स को भी मास्क दिए गए हैं। सिटिंग अवाइड की जा रही है।

-निखिल अरोड़ा, ओनर ओमेगा स्पो‌र्ट्स एंड रेडियो व‌र्क्स

थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजेशन और मास्क तो मस्ट है। इसके अलावा कैश पेमेंट न हो, इसके लिए डिजिटली सभी तरह की व्यवस्थाएं की गई हैं। क्यूआर कोड, भीम और यूपीआई के जरिए भी पेमेंट की फैसिलिटी है।

- अतुल सिंह, प्रोपराइटर, क्लाइमेट व‌र्ल्ड

पहले गेट पर एंट्री मास्क के बिना नहीं है और जो आ रहा है, उसकी थर्मल स्कैनिंग की जा रही है। डिजिटल पेमेंट पर जोर है। जो कैश लेकर आ रहे हैं, उनकी करंसी भी सेनिटाइज करने के बाद ही ली जा रही है।

- अरविंद कुमार त्रिपाठी, डायरेक्टर, ओसीएन-जी