गोरखपुऱ (ब्यूरो)। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से स्वयंसेवक भी लगाए गए हैं। श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर के मुख्य द्वार से प्रवेश करेंगे। इसके बाद सरोवर व यज्ञशाला द्वार से मेला परिसर में जाने का विकल्प मंदिर प्रबंधन की ओर से उन्हें मिलेगा।

नेपाल, बिहार से भी पहुंचे श्रद्धालु

बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाने के लिए नेपाल, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के श्रद्धालु रविवार को गोरखनाथ मंदिर पहुंच गए। गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ से रौनक देखते ही बन रही है। यही नहीं रात में रंग बिरंगी लाइटों से मंदिर ही नहीं पूरा एरिया ही जगमग हो गया। भोर में श्रद्धालु गोरक्षपीठाधीश्वर के खिचड़ी चढ़ाने के बाद गोरखनाथ बाबा को शीश निवेदित कर खिचड़ी चढ़ाएंगे।

चरम पर पहुंचा मेला

रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचे। पहले बाबा का दर्शन-पूजन किया, फिर मेले का जमकर लुत्फ उठाया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के व्यापक प्रबंधन जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से कर लिए गए हैं। मकर संक्रांति पर लगने वाले और इससे पखवारा पूर्व शुरू होकर डेढ़-दो माह तक लगने वाले खिचड़ी मेले में श्रद्धा, मनोरंजन और रोजगार की त्रिवेणी बहती है।

सीएम ने कैंप का किया उद्घाटन

खिचड़ी मेला को जीरो वेस्ट उत्सव बनाने एवं श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोरखनाथ मंदिर परिसर में स्थापित नगर निगम के शिविर का रविवार सुबह सीएम योगी ने उद्घाटन किया। उन्होंने सफाई के लिए दो गाडिय़ों को हरी झंडी दिखाई। सीएम ने जरूरतमंद लोगों में कंबल व ऊनी वस्त्र भी वितरित किया। उन्होंने मासूमों को अपने हाथ से खिचड़ी प्रसाद के रूप में परोसा। इस अवसर पर उन्होंने रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकिल (आरआरआर) सेंटर का भी शुभारंभ किया। सीएम ने मेले को प्लास्टिक मुक्त रखने के लिए नगर निगम द्वारा कपड़े के बैग उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए आटोमैटिक वेंङ्क्षडग मशीन का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर मेयर डॉ। मंगलेश श्रीवास्तव, नगर आयुक्त गौरव ङ्क्षसह सोगरवाल आदि मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं के लिए 400 बसें

मकर संक्रांति से शुरू होने वाले खिचड़ी मेले में श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाने के लिए परिवहन निगम ने व्यापक प्रबंध किए हैं। खिचड़ी मेले के लिए पूर्वांचल के विभिन्न रूटों से 400 विशेष बसों का संचालन किया जा रहा है। खिचड़ी मेले के लिए 16 जनवरी तक विशेष बसें चलाई जाएंगी। परिवहन निगम ने इसके लिए रूटों का निर्धारण कर लिया है। निगम की गोरखपुर, महराजगंज, ठूठीबारी, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बढऩी, बलरामपुर, गोंडा, देवरिया, कुशीनगर, दोहरीघाट, अयोध्या, खलीलाबाद और रुद्रपुर आदि रूट पर अतिरिक्त बसों को चलाने की योजना है। ये बसें श्रद्धालुओं को निर्धारित स्टॉपेज से 15 मिनट से एक घंटे के अंतराल पर मिलेंगी। परिवहन निगम मंदिर में होने वाले खिचड़ी मेले में कैंप लगाएगा। उसके माध्यम से परिवहन निगम भूले श्रद्धालुओं को सहायता प्रदान करेगा। एक कंट्रोल रूम रेलवे बस स्टेशन और दूसरा मंदिर परिसर में बनाया गया है।

यहां से चलेंगी बसें

स्थान बसें

सोनौली-फरेंदा-गोरखपुर 30

ठूठीबारी-सिद्धार्थनगर-गोरखपुर 40

बढऩी-सिद्धार्थनगर-गोरखपुर 20

बलरामपुर-गोंडा-गोरखपुर 12

बांसी-मेंहदावल-गोरखपुर 15

लार-देवरिया-गोरखपुर 50

तमकुहीरोड-कसया-गोरखपुर 50

गोला-सिकरीगंज-गोरखपुर 10

पडरौना-कसया-गोरखपुर 45

दोहरीघाट-कौड़ीराम-गोरखपुर 40

अयोध्या-खलीलाबाद-गोरखपुर 60

रूद्रपुर-गौरीबाजार-गोखपुर 20

कप्तानगंज-पिपराइच-गोरखपुर 08

श्रद्धालुओं को मिलेगी ओटीएस की जानकारी

बिजली निगम ने खिचड़ी मेले में ही दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ओटीएस के बारे में श्रद्धालुओं को जागरूक करेंगे। इसके लिए मंदिर परिसर में बिजली निगम की तरफ से कैंप लगाए गए हैं। साथ ही आसान किस्त के तहत आसानी से ऑनलाइन कनेक्शन ले सकेंगे। ई। लोकेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने मेें परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।

अभेद्य होगी गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था

खिचड़ी मेले में आने वाले श्रद्घालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं। गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा अभेद्य होगी। गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेले की सुरक्षा के लिए एक अस्थायी थाना और सात पुलिस चौकियां बनाई गई है। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर को चार जोन व 12 सेक्टर में बांटा गया है। भीम सरोवर में एसडीआरएफ के साथ पीएसी भी तैनात रहेगी। 5 एएसपी, 12 सीओ, 31 निरीक्षक और 260 उप निरीक्षक 1020 सिपाही मेले की सुरक्षा में लगाए जाएंगे। 21 महिला उप निरीक्षरक और 275 महिला सिपाही भी तैनात होंगी।

50 से अधिक सीसीटीवी लगे

मंदिर परिसर में आने-जाने वाले रास्तों के अलावा 50 से अधिक और जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। पुलिस के अलावा एटीएस की टीमें, एक कंपनी आरएएफ व पांच कंपनी पीएसी के जवान भी तैनात किये जा रहे हैं। परिसर में सात वाच टावर और लाइट का इंतजाम और पार्किंग के लिए 10 स्थान निर्धारित किए गए हैं। 4 फायर टेंडर भी हर समय सक्रिय रूप से तैनात रहेंगे। मुख्य गेट के सामने समेत वाच टावर ऐसी जगह लगाए जा रहे हैं जहां से पूरे मेले की निगरानी आराम से की जा सकेगी। कंट्रोल रूम हर आने जाने वाले पर नजर रखेगा। वहीं से सीसीटीवी कैमरों के जरिए मॉनीटरिंग होती रहेगी।