गोरखपुर (ब्यूरो) इसमे से एक सॉल्वर रेलवे स्टेशन मास्टर पद पर बिहार में तैनात है। बताया जा रहा है कि सॉल्वर इतने ब्रिलियंट थे कि अगर नहीं पकड़े जाते तो डेढ़ घंटे में सारे क्वेश्चन सॉल्व कर देते। दो आरोपियों को एसटीएफ ने बक्शीपुर के इस्लामियां कॉलेज ऑफ कामर्स से पकड़ा। जबकि, कोतवाली पुलिस ने मारवाड़ कॉलेज से एक सॉल्वर, गोरखनाथ पुलिस ने एक सॉल्वर और शाहपुर पुलिस ने एक सॉल्वर और एक कैंडिडेट को अरेस्ट किया है। सभी आरोपियों पर पुलिस ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने, परीक्षा अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपी बनाए गए अन्य कैंडिडेट की तलाश में पुलिस टीम लगी है।

एसटीएफ ने पकड़ा रेलवे स्टेशन मास्टर

बताया जा रहा है कि, इस्लामियां कॉलेज ऑफ कामर्स से एसटीएफ ने चिलुआताल के मझगांवा निवासी कैंडिडेट दुर्गेश यादव और बिहार के नेवादा जिले के निवासी अंजनी कुमार उर्फ मनीष कुमार सिंह को अरेस्ट किया। एसटीएफ गोरखपुर प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ पर अंजनी उर्फ मनीष सिंह ने बताया कि वह कुरवा चैनपुर, सिंधियाघाट स्टेशन, पूर्व मध्य रेलवे में स्टेशन मास्टर है। सूत्रों के अनुसार मनीष बहुत ही शातिर है। यह काफी समय से यह काम कर रहा है। मनीष के तार कहां से जुड़े हैं और कब से ऐसा काम कर रहा है, इसकी जांच कर रही है।

मारवाड़ से भी पकड़ा गया सॉल्वर

मारवाड़ कॉलेज से पुलिस ने सॉल्वर बिहार के सहरसा निवासी शशिभूषण कुमार को पकड़ा है। वह गीडा इलाके के अडिलापार निवासी अंकित कुमार यादव की जगह बैठा था। शाहपुर पुलिस ने सीक्रेट हार्ट इंटर कॉलेज से सॉल्वर बिहार के बक्सर निवासी कैंडिडेट विकास कुमार यादव टिकरिया निवासी बलिराम को पकड़ा है। गोरखनाथ पुलिस ने यूनिक एकेडमी से सॉल्वर भोजपुर निवासी धीरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। वह पश्चिमी दिल्ली मंगोलपुरी निवासी विवेक कुमार की जगह पर एग्जाम देने के लिए बैठा था।

सॉल्वर की क्वालिफिकेशन

सॉल्वर क्वालिफिकेशन

शशि भूषण कुमार साल 2021 में बीए

अंजनी कुमार उर्फ मनीष रेलवे स्टेशन मास्ट बीटेक होल्डर

विकास यादव साल 2018 में बीएससी

धीरेंद्र कुमार साल 2019 में बीएससी फिजिक्स

सभी बिहार के कनेक्शन नहीं

सभी पकड़े गए चारों सॉल्वर बिहार के हैं। पुलिस का कहना है कि इनका आपस में कोई कनेक्शन नहीं है। सभी सॉल्वर से पूछताछ चल रही है। इनका कहां-कहां कनेक्शन है और सरगना का पता पुलिस कर रही है।

इतने में तय हुआ था सौदा

बताया जा रहा है कि एक कैंडिडेट से 13 लाख 30 हजार में सौदा तय हुआ था। सॉल्वर ने इतने पैसे में एग्जाम पास कराने का ठेका लिया था।

बीडीओ परीक्षा में भी पकड़े गए थे बिहार के सॉल्वर

ये बता दें कि गोरखपुर में साल 2023 में दो दिन 26 और 27 जून को यूपीएसएसएससी की ओर से बीडीओ की परीक्षा कराई गई थी। जिसमे दो दिनों में दूसरे की जगह पर एग्जाम देने पहुंचे 13 सॉल्वर अरेस्ट किए गए थे। इसमे से अधिकतर बिहार के सॉल्वर थे। इसके अलावा झारखंड के भी सॉल्वर दूसरे की जगह एग्जाम देते पकड़े गए थे।

पहले दिन 4 सॉल्वर समेत 2 कैंडिडेट अरेस्ट किए गए हैं। सख्ती के साथ अलग-अलग टीमे लगी हुई हैं। एग्जाम में सेंध लगाने वालों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

डॉ। गौरव ग्रोवर, एसएसपी