गोरखपुर (ब्यूरो)।इस मामले में केवल एक अभियुक्त को अरेस्ट किया गया। जिसकी जमानत भी हो गई। बाकी अभियुक्त अभी भी बाहर घूमकर मुझे जान से मारने की धमकी देकर मुकदमा उठाने का प्रेशर बना रहे हैं। गोरखपुर पुलिस लाइन में आए फरियादी ने कुछ इस तरह अपनी बात रखी। ये तो महज एक केस हैं, इसे अलावा भी कई ऐसे केस हैं, जिसमे पुलिस एफआईआर तो लिख देती है, लेकिन कार्रवाई मेें पीछे दिखती है।

पहले हो रही थी एफआईआर की शिकायत

गोरखपुर पुलिस हमेशा ही विवादों में रहती है। कभी मुकदमे में कार्रवाई न करने को लेकर तो कभी एफआईआर न खिलने को लेकर भी उनकी किरकिरी होती रही है। अब जब अधिकारी सख्त हुए हैं और एफआईआर लिखी जाने लगी है, तो ऐसी कंडीशन में अब कार्रवाई न होने की शिकायत पहुंचने लगी है। हर हाल में अधिकारी परेशान हो रहे हैं, जिसकी वजह से पुलिस की छवि तो धूमिल हो ही रही है, वहीं लोगों की शिकायत मुख्यमंत्री तक भी पहुंच जा रही है।

केस 1

साहब मेरी जान बचा लीजिए

बेतियाहाता निवासी रामस्वरूप पर 21 अगस्त को चिलुआताल इलाके में चार लोगों ने जान लेने के नियत से हमला कर दिया। रामस्वरूप की शिकायत पर 23 अगस्त को चिलुआताल थाने में चार आरोपी महातम निषाद, अमित, शशांक और सत्यवीर पर एफआईआर दर्ज की गई। रामस्वरूप का आरोप है कि घटना को करीब तीन माह बीतने के बाद भी पुलिस केवल एक आरोपी को अरेस्ट कर ठंडी पड़ गई। वहीं अब सभी आरोपी मुझे मुकदमा उठाने के लिए जान से मारने की धमकी दे रहे हैँ।

केस 2

फरार हैं अस्मत लुटने वाले

खोराबार इलाके में एक महिला के काफी प्रयास के बाद किसी तरह रेप का मुकदमा 8 सितंबर को दर्ज हुआ। इसके बाद खोराबार थाने के एक दरोगा का आरोपी के साथ बात चीत करते और उसे बचाने के लिए टिप्स देते हुए आडियो वायरल हो गया। जिसके बाद एसएसपी ने दरोगा को सस्पेंड कर दिया। लेकिन अभी तक खोराबार पुुलिस इस मामले में नामजद अभियुक्तों को पकडऩे में नाकाम रही है। वहीं महिला का आरोप है कि उसपर मुकदमा उठाने का प्रेशर दिया जा रहा है।

केस 3

कब मिलेगा न्याय

रामगढ़ताल इलाके के आजाद चौक स्थित एपेक्स स्कूल कैंपस में एक बच्ची की पानी में डूबकर मौत हो गई थी। जिसके बाद बच्ची के घरवालों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन पर रामगढ़ताल थाने में एफआईआर दर्ज हुई। घटना 19 अक्टूबर की है, एफआईआर लिखने के बाद भी अभी तक आरोपी पकड़े नहीं गए। उधर बच्ची के परिवार वाले अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। परिवार वालों का कहना है कि बार-बार अधिकारियों के चौखट पर जा रहे हैं, देखिए कब न्याय मिलेगा।

केस 4

बेटी का पीछा करता है आरोपी का बेटा

शाहपुर इलाके की एक महिला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस पर आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि उसके वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि ने उसके साथ मारपीट और छेड़छाड़ की। ये घटना साल 2018 की है। जिसकी शिकायत करने पर थाने पर एफआईआर नहीं लिखी गई। इसके बाद साल 2019 में कोर्ट के आदेश पर पार्षद प्रतिनिधि पर 376 समेेत अन्य धाराओं में शाहपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। आरोप है कि अब आरोपी का बेटा जो मनबढ़ किस्म का है, वो मेरी बेटी का पीछा करता है। जिसकी वजह से वो अब घर से बाहर नहीं निकलती है।

एफाईआर के बाद कई मामले गलत भी पाए जाते हैं। इसलिए संदिग्ध मामलों की जांच कर आगे की कार्रवाई होती है। इन मामलों को दिखवाया जाएगा, उनकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मनोज कुमार अवस्थी, एसपी नॉर्थ