गोरखपुर (ब्यूरो)। डीडीयू होम साइंस डिपार्टमेंट की पूनम प्रजापति ने हाल ही में लेडिज फार्मर के कटाई, बुआई से हो रही बीमारियों पर रिसर्च किया, जिसमें उन्होंने महिलाओं में कई सारी स्कीन की बीमारी के बार मे जानकारी हुई। इस समस्या को देखते हुए पूनम ने स्कीन केयर ऑयल तैयार किया है, जो महिलाओं में स्कीन डिसीज को कम करने में मददगार साबित हुई है।

-स्कीन केयर ऑयल रख रही ख्याल

रिसर्च में पता चला है कि जिन महिलाओं का स्कीन खेत में काम करने के वजह से एक्जिमा, फंगल इन्फेक्शन जैसे स्कीन डिसीज होने से खराब हो गया था, उनके चेहरे को देखते हुए स्कीन केयर ऑयल को डेवलप किया गया। ऑयल की टेस्टिंग में पता चला कि ये ऑयल ऐसे सारे स्कीन डिसीज में काम कर रहा है। स्कीन केयर ऑयल के यूज करने के कुछ दिन बाद ही महिलाओं में स्कीन डिसीज को सॉल्व होते हुए पाया गया।

-इन स्कीन प्रॉब्लम में आ रहा काम

-एक्जिमा

-स्कीन रैसेज

-इचिंग

-फंगल इन्फेक्शन

-ड्राई स्कीन

-घर बैठे बना सकते हैं स्कीन केयर ऑयल

रिसर्च में सारे स्कीन डिसीज पर ऑयल को प्रभावी पाया गया, जिसका यूज हर कोई ऐसे किसी स्कीन इंफेक्शन के लिए कर सकता है। स्कीन केयर ऑयल आप घर पर ही बना सकते हैं। जो किफायती होने के साथ आपके लिए एक आसान प्रोसेस भी साबित हो सकता है।

-इंग्रेडियंट्स

-नारियल तेल 250 एमएल

-ऐलोवेरा 10 ग्राम

-नीम 10 ग्राम

-हल्दी 2 पिंच

नारियल तेल-नारियल तेल का इस्तेमाल सदियों से त्वचा की देखभाल और त्वचा की अलग-अलग प्रॉबल्म के लिए किया जाता रहा है। इसमें अलग-अलग मॉइस्चराइजिंग और एंटीबैक्टिेरियल क्वालिटी होती है। नारियल का तेल और विटामिन ई से भरपूर होता है। यह स्कीन की ड्राइनेस को कम करता है और साथ ही मॉस्चराइज भी करता है।

नीम की पत्तियां - नीम एक बहुत ही लोकप्रिय मेडिसिनल प्लांट है। इसका उपयोग आमतौर पर एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और उपचार गुणों के लिए किया जाता है। यह मुहांसों, त्वचा में जलन, सनबर्न, एक्जिमा और फंगल इंफेक्शन में काम आता है।

एलोवेरा - एलोवेरा एक हाउस होल्ड प्लांट है। इसका उपयोग आमतौर पर सनबर्न के इलाज के लिए किया जाता है। आईटी में सूजन-रोधी गुण होते हैं, इसलिए यह दर्द, सूजन, चोट या घाव के दर्द को कम कर सकता है। इसका उपयोग इन स्कीन डिसीज घावों में किया जाता है, जैसे मुंहासे, सनबर्न, कट और त्वचा का जलना, एक्जिमा आदि।

हल्दी- हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं जो त्वचा की देखभाल को बेहतर बनाते हैं। इसमें सक्रिय घटक करक्यूमिन होता है जो अलग-अलग स्कीन डिजीज के इलाज में मदद करता है और त्वचा को चमक भी प्रदान करता है।

महिला कृषक को खेत में काम करने से तमाम कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। जिसमें स्कीन डिजीज भी शामिल है, मिट्टी में काम करने से उन्हे कई सारे फंगल इंफेक्शन देखे गए। ऐसे में स्कीन केयर ऑयल महिला कृषक ही नही सबके लिए हेल्पफुल है।

डॉ। पूनम प्रजापति, रिसर्च स्कॉलर