गोरखपुर (ब्यूरो)। गोरखपुर का रिकॉर्ड रहा है कि बरसात के पानी से अक्सर बंधे से सटे मोहल्ले प्रभावित होते हैैं, वहीं 146 ऐसे गांव हैैं, जो बाढ की चपेट में आते हैैं और अति संवेदनशील हैैं। इन गांवों की बाढ़ समिति और कम्यूनिकेशन प्लान की तैयारी की गई है। इन गांव के डूबने पर प्रभावित लोगों को राहत सामग्री पहुंचाने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की टीम अभी से अलर्ट है। राहत सामग्री में खेल न हो सके। इसके लिए जेम पोर्टल के माध्यम से ही ई-निविदा कराई जाएगी, जिस फर्म को जिम्मेदारी दी जाएगी। वह क्वालिटी और क्वांटिटी को मेनटेन करेगी। कहीं से कोई गड़बड़ी आने पर उस फर्म के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बाढ़ में फंसी महिलाओं को देंगे डिग्निटी किट

जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता ने बताया, राहत सामग्रियों में बाढ़ या अन्य आपदाओं की स्थिति में राहत कैंप में रह रही महिलाओं के लिए डिग्निटी किट वितरित की जाएगी। इस किट में 9 तरह का सामान होगा, जिसकी कीमत प्रति किट 360 रुपए है। इस किट में महिलाओं से संबंधित जुड़े आइट्म्स शामिल किए गए हैैं। यह किट भी टेंडर के माध्यम से ही वितरित की जाएगी। आपदा के मद में आवंटित धनराशि का प्रयोग किया जाएगा। डिग्निटी किट के लिए 28 जून तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

बढ़ाया खाद्य सामग्रियों का रेट

गुप्ता ने बताया, राहत किट में जो खाद्य सामग्री है। उसकी कीमत 100 रुपए प्रति व्यक्ति (वयस्क) कर दी गई है। जबकि पहले 60 रुपए प्रति व्यक्ति थी। वहीं, 18 वर्ष से नीचे के अवयस्कों के लिए 60 रुपए प्रति व्यक्ति दर निर्धारित है। जबकि पहले यह राशि 45 रुपए थी। राहत के खाद्य सामग्रियों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

पीडि़तों के लिए यह सामग्री

12 पूड़ी, सूखी सब्जी, अचार - 1 पैकेट

तिरपाल प्लास्टिक - 1 अदद

गिलास डिस्पोजल - 100 अदद

पत्तल - 100 अदद

खाना बनाने के लिए बर्तन सेट - 1 सेट

वाटर प्रूफ टेंट किराया पर एक दिन - 1 सेट

स्वच्छ बिस्तर, तकिया, चादर, चारपाई किराया एक दिन - 1 सेट

कुर्सी सामान्य एक दिन - 1 अदद

जनरेटर 7 केवीए किराया 1 दिन - 1 अदद

स्टैैंड पंखा किराया 1 दिन - 1 अदद

एलईडी लाईट एक दिन - 1 अदद

वाहन पिकअप किराया 1 दिन - 1 अदद

वाहन बोलेरो किराया 1 दिन - 1 अदद

डिग्निटी किट में होगा ये सब

सेनेटरी पैड

नहाने का साबुन

तौलिया

सूती कपड़ा

डिस्पोजल बैग

ढक्कन सहित बाल्टी

मग्गा

मास्क (सिर्फ कोविड अवधि के दौरान)

जेम पोर्टल के माध्यम से ही राहत सामग्रियों की खरीदारी की जाएगी, ताकि ट्रांसपेरेंसी रहे। इसके लिए शासन से जो गाइडलाइन आई है। उसका पालन कराया जाएगा। बाढ़ पीडि़तों को राहत पहुंचाई जाएगी।

राजेश कुमार सिंह, एडीएम एफआर