- जलनिकासी नहीं होने से 200 से अधिक मोहल्ले भी जलभराव की चपेट में

- बशारतपुर ओमनगर के लोगों को निगम से मिली हताश, किया आपस में चंदा

GORAKHPUR:मानसूनी बारिश में हुए जलभराव ने पूरे गोरखपुर को शर्मसार कर दिया। जलनिकासी करा पाने में 'शहर सरकार' फेल नजर आई। मिन्नतों के बावजूद पंपिंग सेट नहीं मिले, जिससे बारिश थमने के करीब 3 दिन बाद भी जलनिकासी नहीं हो सकी। सिस्टम से हताश बशारतपुर ओमनगर के लोगों ने चंदाकर 2 पंपिंग सेट खरीदे। मामला सार्वजनिक होने पर अन्य राजनीतिक दलों ने इसे शर्मनाक बताया है। जबकि अन्य कई मोहल्ले अभी भी जलभराव की चपेट में हैं।

पंपिंग सेट के लिए जुटाए 80 हजार रुपए

बशारतपुर ओमनगर निवासी गुड्डू कुमार ने बताया, इलाके में बीते एक महीने में जलभराव की समस्या है। स्थानीय पार्षद से लेकर प्रशासन तक गुहार लगाई गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। घर में पानी भरे होने की वजह से परिवारीजन रिश्तेदारों के घर ठहरे हैं। सोमवार को थक हारकर स्थानीय लोगों ने चंदा लगाकर दो पंपिंग सेट खरीदे। 4 पंपिंग सेट के लिए करीब 80 हजार रुपए जुटाए गए हैं। इसके लिए लोगों ने एक हजार से दो हजार रुपए प्रति व्यक्ति चंदा दिया। इलाके में दो मशीनें लगाकर जलनिकासी शुरू कर दी गई है। बशारतपुर पश्चिमी के रहने वाने बंटी बताते हैं कि हम लोगों ने चंदा लगाकर अब तक 4 पंप लगाए हैं। इससे पानी निकाला जा रहा है। वहीं, इस इलाके में अब तक कई मकान बारिश की वजह से गिर चुके हैं। जिनके मकान गिरे हैं, उन लोगों को भी स्थानीय लोगों ने अपने घरों में शरण दी है।

पब्लिक बोली- फैल रहा संक्रमण

बशारतपुर निवासी आकाश और सुधांशु ने बताया, कई दिनों से इलाके में जलभराव है। इससे महामारी फैलने का भी खतरा है। कई बच्चे यहां बीमार पड़ चुके हैं। लोगों का कहना है कि हम लोग गंदे पानी में होकर गुजरने को मजबूर हैं। नगर निगम से लेकर प्रशासन तक इसकी शिकायत की जा चुकी है। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब तक न ही कोई मेडिकल टीम आई है और न ही साफ सफाई के लिए कुछ किया जा रहा है।

अभी भी जलमग्न हैं शहर के ये एरिया

मेडिकल रोड स्थित राप्तीनगर, राप्ती कॉम्प्लेक्स से लेकर असुरन, धर्मशाला पुल, गोरखनाथ, रामनगर, इंद्रप्रस्थनगर कॉलोनी, रामजानकारीनगर, कौशलपुरम, हड़हवा फाटक, हुमायूंपुर, मोहनापुर, मेडिकल रोड, सिंघडि़या, गणेशपुरम, ओमनगर विष्णुपुरम, गोरक्षनगर, शक्तिनगर, मानस विहार कॉलोनी, पादरी बाजार, वसुंधरा, स्वर्णनगर, आदर्शनगर सहित करीब 200 से अधिक मोहल्लों में अभी भी जलभराव है।

नदियों का जलस्तर

नदी खतरा बिंदु वर्तमान स्थिति

नदी में बर्डघाट में 74.98 76.52

रोहिन नदी त्रिमुहानी घाट 82.44 84.62

कुआनो मुखलिसपुर 78.65 77.50

घाघरा नदी अयोध्या पुल 92.73 93.21

घाघरा तुर्तीपार में 64.01 64.750

गोर्रा नदी पिंडारा में 70.50 71.400

नोट: नदियों का जलस्तर आरएल मीटर में है।

प्रशासन का दावा- 300 से अधिक पंप लगे

डीएम विजय किरन आनंद ने बताया, शहरी एरिया में नगर निगम की ओर से पंप लगाकर जल निकासी की जा रही है। अब तक करीब 300 से अधिक पंप लगे हैं। नालों की सफाई के भी निर्देश हैं। वहीं, 171 गांव बाढ़ से घिरे हैं। 1,78,280 लोग प्रभावित है। 6,700 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित है। इससे इसमें सदर के 40, कैंपियरगंज में 13, सहजनवां में 32, चौरीचौरा में 6, गोला में 53, बांसगांव में 9, खजनी में 18 गांव बाढ़ से घिर गए हैं। डीएम ने बताया, बाढ़ से घिरे गांव में छोटी-बड़ी कुल 321 नाव राहत के लिए उपलब्ध हैं, जिसमें 248 नाव को लगाया गया है। अब तक 8,103 लोगों का उपचार हुआ। क्लोरीन की 88,243 गोलियां और 15,232 ओआरएस पैकेट बांटे जा चुके हैं। इसके अलावा कुल 10,138 राशन किट का वितरण किया गया है।