- एनटीए ने र्जईई मेंस में सिलेबस कम करने से किया इनकार

- जेईई मेंस के लिए 12वीं के स्टूडेंट्स को करनी होगी पूरी पढ़ाई

- यूपी और सीबीएसई बोर्ड ने किया था 30 परसेंट कोर्स कम

GORAKHPUR: जेईई मेंस एग्जाम देने वाले स्टूडेंट को इस बार एक्स्ट्रा एफर्ट दिखाना पड़ेगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने साफ कर दिया है कि एनटीए जेईई मेंस के सिलेबस में कोई कटौती या बदलाव नहीं करने जा रहा है। ऐसे में यूपी के सीबीएसई और यूपी बोर्ड के 12वीं के स्टूडेंट्स को कोरोना की वजह से कम किए गए 30 परसेंट सिलेबस को भी पूरा करना होगा। अब स्टूडेंट्स की टेंशन बढ़ गई है कि इतने कम समय में कोर्स पूरा कैसे होगा। वहीं कोविड काल में जेईई मेंस चार पार्ट में होगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) नेजेईई मेंस एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी हैं।

तीस परसेंट सिलेबस में की थी कटौती

कोविड 19 को देखते हुए सीबीएसई ने अपने सिलेबस में 30 परसेंट घटाया था। इसी तरह यूपी बोर्ड ने भी अपने सिलेबस में 30 परसेंट कटौती की थी। अब सीबीएसई और यूपी बोर्ड के स्टूडेंट्स को किसी भी तरह कटौती किए गए 30 परसेंट सिलेबस को पूरा करना होगा। तभी वह जेईई मेंस के एग्जाम के लिए तैयार हो पाएंगे।

अब पढ़ना होगा एक्स्ट्रा चैप्टर

- फिजिक्स में 14 चैप्टर में करीब 28 टॉपिक

- केमिस्ट्री के सभी चैप्टर में करीब 16 टॉपिक

- मैथमैटिक्स के चार यूनिट में करीब 18 टॉपिक

बॉक्स-

अब नीट साल में दो बार करने की तैयारी

मेडिकल में अपना कॅरियर बनाने वाले स्टूडेंट के लिए नया साल खुशियों से भरा हो सकता है। देश में मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन पाने के लिए अब साल में दो बार मौका मिलेगा। नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी नीट को साल में दो बार कराने की तैयारी चल रही है। एजुकेशन और हेल्थ मिनिस्ट्री की एक मीटिंग इसको लेकर 25 जनवरी को होनी है, जिसमें इसमे अंतिम मुहर लग सकती है। इसके बाद स्टूडेंट की मेडिकल की राह आसान हो जाएगी।

यूपी बोर्ड स्कूल- 485

सीबीएसई स्कूल- 117

आईसीएसई स्कूल- 19

कोट-

इंजीनियरिंग के लिए एग्जाम देने वाले स्टूडेंट को अब एक्स्ट्रा एफर्ट दिखाना होगा। क्योंकि 30 परसेंट सिलेबस में कटौती हुई थी। इसी हिसाब से स्टूडेंट ने पढ़ाई की, लेकिन जेईई मेंस एग्जाम में कम्प्लीट सिलेबस से ही पेपर आएगा। बोर्ड पेपर के साथ तैयारी करने में थोड़ी प्रॉब्लम जरूर होगी।

रजनीश सिंह, कैटलिस्ट