गोरखपुर (ब्यूरो)।इसकी वजह से डिप्रेशन के मरीजों की तादाद बढ़ जाती है। जिसमें से काफी लोगों ने सुसाइड अटेंप्ट भी किए हैं। सिर्फ पिछले नौ दिनों में आठ सुसाइड अटेंप्ट की घटनाएं सामने आईं हैं, जिसमें लोगों ने आवेश में आकर मौत को गले लगा लिया है।

ठंड में बढ़ जाते हैं मरीज

ठंड के मौसम में कई बीमारियों लोगों पर एक साथ धावा बोलती हैं। इसमें डिप्रेशन भी शामिल हैं। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें अगर लोग निगेटिव माहौल में रहें, तो उनकी प्रॉब्लम बढ़ती चली जाती है। साइकोलॉजिस्ट की मानें तो डिप्रेशन से जूझ रहे मरीज की परेशानी इस मौसम में बढ़ जाती है। ऐसा कई रिसर्च में सामने भी आया है। वहीं यह मौसम ऐसा है कि चंद्रमा के प्रभाव से मांसिक उथल-पुथल होती है, जिससे ऐसी घटनाओं में इजाफा हो जाता है। हालांकि मौसम और सुसाइडल अटेंप्ट का कोई साइंटिफिक अप्रोच नहीं है।

निगेटिव इवैलुएशन है खास वजह

डॉक्टर्स की मानें तो डिप्रेशन के मरीजों की बीमारी बढऩे और सुसाइडल अटेंप्ट के केसेज बढऩे की खास वजह खुद का निगेटिव इवैलुएशन है। इसमें परेशानी तब बढ़ती है जब पेशेंट्स के साथ एक के बाद एक निगेटिव रिजल्ट्स आने लगते हैं। इससे वह खुद का इवैलुएशन निगेटिवली करने लगते हैं और धीरे-धीरे उनका डिप्रेशन लेवल काफी ज्यादा बढ़ जाता है। इस पीरियड में एक वक्त ऐसा आता है जब निगेटिविटी उस पर हावी हो जाती है और वह सुसाइड जैसा कदम उठा लेते हैं।

मनोचिकित्सक ने बताया कारण

- तनाव सहनशक्ति की कमी।

- सामाजिक रूप से कोई भी प्रेशर झेलने की ट्रेनिंग मिलती थी वो कम हो रही है।

- सामाजिकता में आई कमी।

- बहुत जल्दी आवेश में आ जाना।

- दिन भर अपने तनाव के बारे में सोचना।

- सोशल मीडिया इंसान को बना रहा निगेटिव।

इससे बचने का उपाय

- समस्याओं का हल करने की शक्ति बढ़ाएं।

- अपने अच्छे और बुरे दोनों कामों पर चर्चा करें।

- अगर मन में सुसाइड का विचार आता है, तो तुंरत वो नजदीकी मनोचिकित्सक से संपर्क करें।

- ऐसे विचार आने पर अपने किसी खास से अपनी बातें शेयर करें।

- कभी भी जो सुसाइड के बारे में सोचता है, उसे अकेला मत छोडि़ए।

हेल्प लाइन करेगा आपकी मदद

मानसिक रोगियों के लिए भारत सरकार द्वारा टेली मानस हेल्प लाइन शुरू की गई है। जहां 24 घंटे आप सेवा ले सकते हैं। वहीं गोरखपुर में जिला अस्पताल में मन कक्ष बनाया गया है। मन कक्ष का हेल्पलाइन नंंबर भी जारी किया गया है, यहां पर जाकर भी आप अपनी काउंसिलिंग करा सकते हैं।

टेली मानस हेल्प लाइन नंबर- 14416

जिला अस्पताल स्थित मन कक्ष नंबर- 9336929266

केस 1

दो बेटियों संग फंदे से झूल गया पिता

शाहपुर इलाके के घोषीपुरवा में 15 नवंबर को दो बेटियों के साथ पिता ने फंदे से लटककर सुसाइड कर लिया। इस सुसाइड से पूरे शहर को झकझोर के रख दिया। मरने वालों में एक ही परिवार के 14 साल की मानवी, 15 साल की मान्या और पिता जितेन्द्र श्रीवास्तव का नाम शामिल है। जबकि जितेन्द्र की पत्नी की पहले ही कैंसर बीमारी की चपेट में आकर मौत हो चुकी है। आर्थिक तंगी और कर्जदारों से परेशान होकर अब हंसता खेलता पूरे परिवार ने भी फंदे से लटकर जान दे दी। अब इस घर में बुढे बाबा का रो-रोकर बुरा हाल है।

केस 2

मां-बेटे ने किया सुसाइड

गोरखनाथ इलाके जनप्रिय विहार कालोनी में 15 नवंबर की रात जहर खाकर जान दे दी। मां सरोज देवी और बेटा मनीष उर्फ विक्की ने आर्थिक तंगी और कर्जदारों से तंग आकर सुसाइड करने का फैसला किया। सरोज देवी ने मरने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

केस 3

सुमेर सागर पर महिला ने किया सुसाइड

सुमेर सागर इलाके में 18 नवंबर को मक्खन गुप्ता की छोटी बहू 27 साल की ज्योति गुप्ता ने फंदे से लटककर जान दे दी। ज्योति के पास से सुसाइड नोट भी मिला। जिसमे उसने अपने पति समेत सुसराल के अन्य मेंबर पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर पति को अरेस्ट कर लिया।

केस 4

फंदे से लटकता मिला युवती का शव

तिवारीपुर इलाके के मोहनलालपुर में 23 नवंबर को 25 वर्षीय युवती ने फंदे से लटककर जान दे दी।

परिजनों ने बताया कि अविका गुप्ता अपने कमरे में सोने गई थी। देर शाम तक कमरे से बाहर नहीं आने पर परिजन कमरा खुलवाने गए। परिजनों ने कमरे के अंदर झांका तो युवती का शव फंदे से लटक रहा था।

केस 5

युवक ने जहर खाकर दी जान

पीपीगंज निवासी 22 वर्षीय सिकंदर 23 नवंबर गुरूवार को जहरीला पदार्थ खाने से मृत्यु हो गई। बताया जा रहा है कि शादी के तीन माह बाद ही सिकंदर की पत्नी मायके चली गई और वापस नही आ रही थी। बुधवार को सिकंदर एक बार फिर अपनी पत्नी का विदा कराने ससुराल गया था। जहां ससुराल वालों ने विदा करने से मना कर दिया। इसके बाद सिकंदर ने जहर खाकर जान दे दी। सिकंदर के परिजनों ने सुसराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तनाव सहनशक्ति कमी और जल्दी आवेश में आना सुसाइड का मेन कारण है। इससे बचने के लिए आप टेली मानस और मन कक्ष की मदद ले सकते हैं। कभी सुसाइड का ख्याल आए तो फौरन हेल्प लाइन नंबरों पर कॉल कर अपनी बातें शेयर करें।

अमित कुमार शाही, मनोचिकित्सक