- सावन के दूसरे सोमवार को शिव भक्तों की उमड़ी रही जबरदस्त भीड़

GORAKHPUR: सावन का पूरा महीना भगवान शिव को अर्पित होता है। ऐसी मान्यता है कि सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है, यही वजह रही कि दूसरे सोमवार को भी सिटी के शिवालायों में सुबह से ही शिव भक्तों का तांता लग गया। बम-बम भोले के जयकारों के साथ श्रद्धालु शरणों में शीश झुकाए नजर आए। सिटी के तमाम मंदिरों में शिव भक्तों का हुजूम पूजा-अर्चना करते नजर आया। भोर से शुरू हुआ यह सिलसिला देर शाम तक चलता रहा।

सुबह 4 बजे से ही उमड़ी रही शिव भक्तों की भीड़

झारंखडी स्थित झारखंडी शिव मंदिर में सुबह 4 बजे से ही शिव भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। सावन का सोमवार था, इसलिए हर वर्ग के शिव भक्तों ने अपनी आस्था दिखाई। पंडित शरद चंद्र मिश्रा की मानें तो भारत के सभी द्वादश शिवलिंगों पर इस दिन विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। आदिकाल से ही इस दिन का विशेष महत्व रहा है। कहा जाता है कि सावन के सोमवार का व्रत करने से मनचाहा जीवनसाथी मिलता है और दूध की धार के साथ भगवान शिव से जो मांगो वह वर मिल जाता है।

मनचाहे फल की प्राप्ति होती है

श्री मिश्र ने बताया कि पूजा में शिव परिवार को पंचामृत यानी दूध, दही, शहद, शक्कर, घी व जलधारा से स्नान कराकर, गंध, चंदन, फूल, रोली, वस्त्र अर्पित करने से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। शिव को सफेद फूल, बेल पत्र, सफेद वस्त्र और श्री गणेश को सिंदूर, दूब, गुड़ व पीले वस्त्र चढ़ाने से वह प्रसन्न रहते हैं। भांग-धतूरा भी शिव पूजा में चढ़ाए जाने से भोले नाथ प्रसन्न रहते हैं। शिव को सफेद रंगे के पकवानों और गणेश को मोदक यानी लड्डूओं का भोग लगाने से सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।