- पशु आहार बनाने वाली कंपनी के ठिकानों में सर्वर, हार्ड डिस्क और मेाबाइल डाटा की फोरेंसिक टीम ने की थी क्लोनिंग

KANPUR: टैक्स चोरी को पकड़ने के लिए आईटी विभाग का नई टेक्नोलॉजी का प्रयोग काम कर गया। कंपनी और उससे संबंधित दो और कंपनियों के सभी इलेक्ट्रानिक डाटा की क्लोनिंग के बाद आयकर अधिकारियों को 50 करोड़ रुपए के और अघोषित स्टॉक का पता चला है। स्टडी से अभी यह रकम और बढ़ सकती है। बता दें कि 18 नवंबर से कानपुर समेत 30 जगहों पर तीन कंपनियों के ठिकानों पर छापेमारी में अब तक 121 करोड़ रुपए की अघोषित संपत्ति का पता चल चुका है।

फोरेंसिक टीम की पड़ताल

पशु आहार बनाने वाली कंपनी के ठिकानों पर छापे के दौरान आईटी विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली से फोरेंसिक टीम को भी बुलाया था। जिसने इन सभी कंपनियों के सर्वर के डाटा, मोबाइल फोन के डाटा और कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क के डाटा की क्लोनिंग की थी। फोरेंसिक टीम ने इस डाटा की स्टडी शुरू की तो अभी शुरुआती जांच में 50 करोड़ रुपए के अतिरिक्त स्टॉक का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक क्लोनिंग किए गए डाटा को एनालाइज किया जा रहा है।