-कोरोना संक्रमण के हालात से निपटने के लिए बनाए गया कोविड कंट्रोल रूम बदहाल, न बेड की जानकारी न एंबुलेंस की व्यवस्था

-एक हफ्ते से आधे से भी कम कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे, कमिश्नर के निरीक्षण खुली बदहाली की पोल, कार्रवाई के दिए आदेश

KANPUR:कोरोना संक्रमण से बन रहे हालात से निपटने में कोविड कंट्रोल रूम की बेहद अहम भूमिका है। बेड की अवेलेबिलिटी, हॉस्पिटल की स्थिति, एंबुलेंस सर्विस, होम आइसोलेट पेशेंट्स की स्थिति पता करने की जिम्मेदारी कंट्रोल रूम की है। लेकिन, कंट्रोल रूम खुद ही बदहाल है। बेहद दयनीय स्थिति में है। कंट्रोल रूम के पास कोई जानकारी ही नहीं है। यहां कॉल करने वालों को कोई सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। पेशेंट की हाल बिगड़ने पर उसके लिए एंबुलेंस भी समय पर नहीं भेज पा रहे हैं। संडे को कमिश्नर राज शेखर ने स्मार्ट सिटी के तहत बने इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में बने कोविड कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। यहां बदहाली का आलम देखकर कमिश्नर का पारा चढ़ गया। यहां तैनात आधे से ज्यादा कर्मी एक हफ्ते से आए ही नहीं हैं। कमिश्नर ने सभी को नोटिस जारी कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त

कोविड हॉस्पिटल में कहां कितने बेड खाली पड़े हैं, किस तरह से लोगों को ये आवंटित किए जा रहे हैं, इसकी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। ऐसे में लोग बेड के लिए परेशान हो रहे हैं हर 4 घंटे में बेड की स्थिति को अपडेट किया जाना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। वहीं कंट्रोल रूम में कोविड पेशेंट की केयर के लिए और अधिक एक्सपर्ट डॉक्टर्स की टीम को तैनात करने की जरूरत है।

4 लाइनें पड़ रहीं कम

कंट्रोल रूम में अभी तक फोन लाइनों को नहीं बढ़ाया गया है। लोग हजारों की संख्या में रोजाना फोन कर रहे हैं। ऐसे में 4 फोन लाइनें कम पड़ रही हैं। 24 घंटे के अंदर 6 फोन लाइन और बढ़ाने के लिए कमिश्नर ने कड़े निर्देश दिए। फोन अटेंड करने के लिए कर्मियों की संख्या भी तत्काल बढ़ाने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता को कहा।

फोन कर मांगी मदद, नहीं मिली

कोविड कंट्रोल रूम का इस कदर नकारापन सामने आया है कि फोन करने वाले लोगों को एंबुलेंस भी सही समय पर नहीं मिल पा रही है। बीते 48 घंटों में आई कॉल पर कमिश्नर ने जब फोन करके फीडबैक लिया तो पता चला कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिली और लोगों को प्राइवेट एंबुलेंस से हॉस्पिटल जाना पड़ा। इस पर कमिश्नर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

होम आइसोलेट लोग राम भरोसे

कोरोना संक्रमण से पीडि़त हजारों लोगों का घर पर ही ट्रीटमेंट चल रहा है। रूल्स के मुताबिक इनकी रोज की स्थिति कंट्रोल रूम द्वारा फोन करके ली जाती है। अगर पेशेंट की समस्या बढ़ रही है, हॉस्पिटल की जरूरत पड़ती है तो उसे फौरन शिफ्ट कराया जाता है। लेकिन इस कार्य में लगे कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई और इनकी जगह पर किसी दूसरे कर्मचारियों को तैनात नहीं किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि मंडे को इसे चालू कर दिया जाएगा।

हर कोविड हॉस्पिटल में होगा मजिस्ट्रेट

अब शहर के सभी कोविड हॉस्पिटल में एक मजिस्ट्रेट को तैनात किया जाएगा। जिससे उक्त हॉस्पिटल में कितने बेड खाली हैं और कोविड पेशेंट के एडमिट होने में कोई प्रॉब्लम न हो, इसकी निगरानी की जाएगी। कमिश्नर ने डीएम, सीडीओ और सीएमओ को कड़े निर्देश दिए कि बीते 7 दिन में कंट्रोल रूम द्वारा आरआरटी रिपोर्टिंग हो। आइसोलेशन रिपोर्टिंग, डॉक्टर्स द्वारा कितने पेशेंट को कॉल की गई, बेड आवंटन, एम्बुलेंस आवंटन, एम्बुलेंस प्रतिक्त्रिया, समय, रोगी प्रवेश समय समेत क्या कार्य किया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर दी जाए। वहीं डीएम समेत अन्य अधिकारी कंट्रोल रूम में दिन में 2 घंटे समय देंगे और व्यवस्थाओं को ठीक कराएंगे।