-शहर में लगातार बढ़ रहा क्राइम ग्राफ, थाना नहीं कर पा रही हत्या, लूट जैसे संगीन मामलों के खुलासे

- नौबस्ता में बैंक के बाहर युवक की हत्या करने वाले अब तक पकड़ से दू, बंटी-बबली का भी पता चला

kanpur : शहर में भले ही क्राइम ब्रांच लगातार वारदातों को खुलासा कर शातिरों को जेल भेज रही हो, लेकिन थाना पुलिस के गुडवर्क पूरी तरह से बंद हो चुके हैं। क्राइम का ग्राफ भी लगातार बढ़ता जा रहा है। एक समय में सीसीटीवी से बचने वाले शातिर अब पुलिस की इस चाल को भी धता बता रहे हैं। हालात ये हैं कि सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद भी शहर में बीते एक महीने में हुई कई वारदातें खुलासे का इंतजार कर रही हैं

केस वन

बैंक के बाहर हुई हत्या का नहीं हुआ खुलासा

कुछ दिन पहले ही नौबस्ता के उस्मानपुर स्थित निजी बैंक के बाहर युवक का शव मिला था। युवक की सिर कुचल कर हत्या की गई थी। मौके पर फॉरेंसिक टीम ने भी इविडेंस कलेक्ट किए थे। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में वारदात की फुटेज भी मिल गई थी। इसके बाद भी न तो युवक की पहचान हो पाई और न ही मामले का खुलासा हो सका। खुलासा होना तो दूर जो इविडेंस मिले, उनके मुताबिक कार्रवाई भी नहीं हुई। प्रभारी निरीक्षक नौबस्ता सतीश कुमार ने बताया कि डीसीआरबी और एनसीआरबी से जानकारी की जा रही है। जल्द ही मृतक की शिनाख्त की जाएगी.

केस टू

चकेरी और गोविंद नगर पुलिस को नहीं मिले बंटी बबली

एक महीने से शहर में बंटी और बबली का गैंग एक्टिव है, जो लगातार लोगों के घरों में घुसकर टप्पेबाजी की वारदातें कर रहा है। बीते एक महीने में चोरी की स्कूटी से जाकर परिवार को जेवर साफ करने के नाम पर बेहोश कर लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। गोविंद नगर और चकेरी में हुई वारदातों के बाद मौके से परिवार वालों ने पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी दिए। इसके बाद भी वारदातों का खुलासा नहीं हो सका। पुलिस ने इन वारदातों की एफआईआर तक दर्ज नहीं की।

केस थ्री

ईरानी गैंग भी नहीं चढ़ा पुिलस के हत्थे

यूं तो शहर में ईरानी गैंग की धमक पुरानी है। लंबे समय बाद एक महीने पहले एक्टिव हुए ईरानी गैग के शातिरों ने शातिराना अंदाज में टप्पेबाजी की दो वारदातों को अंजाम दिया। शातिरों ने बैग की तलाशी लेने के नाम पर बैग से रकम पार कर दी। दोनों वारदातें सात दिन के अंतर पर अंजाम दी गईं। पुलिस ने जब दोनों जगह की सीसीटीवी चेक की तो फुटेज में एक ही तरह के बदमाशों की तस्वीरें सामने आईं। पुलिस ने जब इन शातिरों की तलाश की तो एक भी बदमाश नहीं मिला। अब पुलिस इन शातिरों का पोस्टर जारी करने का प्लान बना रही है।

एसटीएफ और एटीएस का देते हैं झांसा

ईरानी गैंग के शातिर वारदात को अंजाम देते समय खुद को एटीएस या एसटीएफ का कर्मचारी बताते हैं। बैग की तलाशी लेने के नाम पर बैग से रुपये निकालकर शातिर फरार हो जाते थे। जब तक पीडि़त कुछ समझ पाते उससे पहले बदमाश सैकड़ों किलोमीटर दूर होते थे।

चोरी के वाहन करते हैं यूज

शातिर इन सभी वारदातों में चोरी के वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ वारदातों में शातिर थाने में खड़े कंडम वाहनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वारदात के बाद जब पुलिस ने इन वाहनों का नंबर चेक किया तो उनके नंबर कंडम वाहनों के रूप में ट्रेस हुए। जांच में एक बात और सामने आई कि जिन स्थानों पर वारदातों को अंजाम दिया गया वह स्थान जिले के बाहरी थानों के थे। यानी वारदात को अंजाम देने के बाद दूसरे जिलों के थाने की सीमा पर होते थे।

---------------

'' जो मामले पेंडिंग हैं, उनकी समीक्षा की जा रही है, टीमें हर मामले के खुलासे में लगी हैं, जल्द ही खुलासा होगा.''

- असीम अरुण, सीपी कानपुर