-यतीमखाना, बाबूपुरवा में भीड़ के उग्र होते ही मोर्चा लेने की बजाय उल्टे पांव खुद भागी पुलिस

-भीड़ से निपटने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थी पुलिस, कहीं भी भीड़ को रोकने के नहीं थे इंतजाम

KANPUR : फ्राइडे को हुए उपद्रव के दौरान पुलिस भीड़ को कंट्रोल करने की बजाय खुद उल्टे पांव भागती नजर आई। बाबूपुरवा में बवाल की सूचना के बाद भी यतीमखाना में पुलिस अलर्ट नहीं दिखी। यतीमखाना में बवाल की शुरुआत होते ही पुलिस परेड की ओर भाग निकली। इससे उपद्रवियों के हौसले बुलंद हुए और वह परेड, बड़ा चौराहा और फूलबाग तक जा पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने कहीं भी क्राउड को रोकने के लिए कोई एक्शन नहीं लिया।

दांव पर लगी जिंदगी

उपद्रव की आशंका के बावजूद कहीं भी रूट डायवर्जन नहीं किया गया था। बवाल के दौरान जब उपद्रवी परेड चौराहे की तरफ बढ़े तो कई फैमिलीज उस बीच फंस गई। जैसे-तैसे लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। 3 घंटे बाद भी पुलिस ने चुन्नीगंज, परेड, बड़ा चौराहा, फूलबाग और घंटाघर चौराहा तक आने वाले ट्रैफिक को कहीं भी डायवर्ट नहीं किया।

जो मन आया वो किया

पुलिस के हौसले पस्त पड़ते ही उपद्रवियों ने जो मन आया वो किया। करीब 1 घंटे तक यतीमखाना और बाबूपुरवा में अराजकता का खुला खेल खेला। रोक के बावजूद भी उपद्रवियों ने फूलबाग तक कथित शांति मार्च निकाला। इसके बाद लौटते वक्त नवीन मार्केट में पथराव करते हुए देश विरोधी नारे भी लगाए। उपद्रवी इस कदर बेलगाम थे कि बाबूपुरवा में तांडव के बाद एनएलसी पुलिस चौकी फूंकने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई में गोलियां चलानी पड़ी।

कंट्रोल कमांड सेंटर से ली फुटेज

स्मार्ट सिटी के तहत बने कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से बवाल की पूरी रिकॉर्डिग की गई। पुलिस ने पूरी फुटेज सेंटर से ले ली है। इसके बाद उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। परेड, बड़ा चौराहा, फूलबाग, मेघदूत, हलीम मुस्लिम, मूलगंज, घंटाघर और नरौना चौराहा तक पूरी मॉनिटरिंग सेंटर से की गई।

पल-पल नाकामी लगी हाथ

- पर्याप्त संख्या में पुलिस फोर्स की व्यवस्था नहीं की गई

- किसी भी रास्ते पर भीड़ को रोकने के कोई इंतजाम नहीं थे

- बवाल के दौरान तक एयरो स्टेट कैमरा लगाया जाता रहा

- संवेदनशील थानों में हुई मीटिंग में भी कोई इनपुट नहीं निकला