कानपुर(ब्यूरो)। शहर के पॉश इलाके नवाबगंज में स्थित एसडी कॉलेज में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैंपस में तेंदुए को घूमते देखे जाने के बाद पूरे क्षेत्र में हडक़ंप मच गया है। पुलिस और वन विभाग की टीम ने तेंदुए की तलाश के लिए रेस्क्यू आपरेशन शुरू कर दिया। जिसके तहत वीएसएसडी कॉलेज कैंपस में भी एक पिंजड़ा वन विभाग के अधिकारियों ने रखवाया है। रात तक पुलिस और वन विभाग की टीम तेंदुए के पंजों के निशान के आधार पर उसकी तलाश में लगी रही, लेकिन उसे कोई सफलता नहीं मिली। यह तेंदुआ नवाबगंज में कहां से पहुंचा इसका कुछ पता नहीं चल सका है, लेकिन क्षेत्र में तेंदुआ दिखने से खासी दहशत है। वन विभाग की ओर से इस क्षेत्र में बच्चों और पालतू जानवरों को घर के अंदर रखने की सलाह दी गई है।

तो फिर कहां से आया तेंदुआ
नवाबगंज क्षेत्र में स्थित जू में डेढ़ दर्जन तेंदुए हैं। इसी क्षेत्र के पास में ही स्थित वीएसएसडी कॉलेज कैंपस में तेंदुआ घूमता दिखने के बाद सवाल उठता है कि यह तेंदुआ आखिर यहां कैसे और कहां से पहुंचा। हालांकि जू प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उनके यहां तेंदुओं की संख्या पूरी है। ऐसे में तेंदुए के गंगा कटरी की तरफ से शहर में दाखिल होने की संभावना जताई जा रही है। वीएसएसडी कॉलेज की ओर से एक छोटा नाला भी गंगा की ओर जाता है।


ड्रोन से तेंदुए की तलाश
वीएसएसडी कॉलेज कैंपस की सुरक्षा में लगे गार्डों ने सुबह कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुए की फुटेज को देखा। वह तेंदुआ बड़ी आराम से कैंपस में घूम रहा था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना कॉलेज प्रबंधन को दी। जिसके बाद वन विभाग और पुलिस- प्रशासन को इसकी खबर दी गई। वन विभाग की टीम वहंा पहुंची, लेकिन तेंदुए का कुछ पता नहीं चल सका। फिर जिस जगह पर तेंदुआ दिखा था वहां पर उसके पंजों के निशान को देखते हुए उसकी तलाश शुरू की गई। एक पिंजड़ा भी कॉलेज कैंपस में रखा गया, लेकिन संडे शाम तक उसका कुछ पता नहीं चल सका। उसकी तलाश में वन विभाग और पुलिस की टीमें पूरे क्षेत्र में कांबिंग भी करती रहीं.वहीं अब तेंदुए की तलाश के लिए इस क्षेत्र में ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।