- कोरोना से ठीक हो चुके पेशेंट्स को आ रही लीवर में स्वैलिंग और दिख रहे हेपेटाइटिस के लक्षण

KANPUR: कोरोना संक्रमण के ठीक हो चुके लोगों में मेंटल, हार्ट, लंग्स से संबंधित कई तरह की पोस्ट कोविड प्रॉब्लम्स सामने आ रही हैं। वायरस से असर से पार पा चुके लोगों का लीवर भी दुरुस्त रहे, यह भी तय नहीं है। क्योंकि गैस्ट्रो प्रॉब्लम का इलाज करने वाले डॉक्टर्स के पास कोरोना से ठीक हो चुके काफी पेशेंट्स पहुंच रहे हैं। इनके लीवर फंक्शन टेस्ट में डॉक्टर्स को एंजाइम के स्तर में इंबैलेंस और लीवर में स्वैलिंग (फैटी लीवरर)भी मिल रही है। कुछ पेशेंट्स में हेपेटाइटिस के लक्षण भी सामने आए हैं। हालांकि डॉक्टर्स का कहना है कि इलाज से इन सभी प्रॉब्लम्स काे ठीक भी किया जा सकता है

एजीपीटी,एजीओटी इंबैलेंस

लीवर के स्वस्थ होने का पता लीवर प्रोफाइल की जांच में एसजीपीटी और एसजीओटी के स्तर से भी चलता है,लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद एसजीपीटी व एसजीओटी का स्तर बढ़ जाता है। ब्लड की जांच में एसजीपीटी में ग्लूटामेट पाइसवेट ट्रासनामिनाज और अलैनिन एमिनोट्रांस्फरेज के स्तर को मापा जाता है,लेकिन कोरोना संक्रमित हो चुके काफी लोगों के लीवर फंक्शन टेस्ट में इसका स्तर बढ़ा मिलता है। यह सेल्स बढ़ने की वजह से डैमेज होने लगते हैं। इसी तरह एसजीओटी में भी एस्पार्टे एमिनोट्रांसफरोज एंजाइम बढ़ता है। लीवर फंक्शन टेस्ट में यह स्तर बढ़ने से लीवर पर प्रभाव पढ़ने लगता है।

लीवर में पस की शिकायत

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में गैस्ट्रो विशेषज्ञ डॉ.एसके गौतम बताते हैं कि कुछ पोस्ट कोविड पेशेंट्स के लीवर में फोड़े होने की प्रॉब्लम भी सामने आ रही है। इसकी वजह कोरोना के इलाज के दौरान स्टेराइड का प्रयोग भी हो सकता है। इसके अलावा इस तरह के फोड़े एक परजीवी के प्रभाव की वजह से पड़ते हैं। जोकि दूषित पानी आैर भोजन के जरिए शरीर में पहुंचता है।

वर्जन-

पोस्ट कोविड पेशेंट्स के लीवर में स्वैलिंग होना एंजाइम का स्तर बढ़ने से लीवर पर लोड बढ़ता है। इसमें से कुछ पेशेंट्स में हेपेटाइटिस से जुड़ी परेशानियां भी होती हैं। इसकी एक वजह कोरोना संक्रमण के इलाज में यूज की गई कुछ दवाएं भी होती हैं।

- डॉ.गौरव चावला, सीनियर गैस्ट्रोइंट्रोलॉजिस्ट

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कैसे करें बचाव-

- कोरोना से ठीक होने के बाद एक बार लीवर की जांच जरूत कराएं

- लीवर को स्वस्थ रखने के लिए एंटीऑक्सीडेंट(जैसे ग्रीनटी) वाली चीजें लें

- पेट में लगातार हल्का दर्द बना रहे तो डॉक्टर को दिखाएं

- स्पाइसी, जंक फूड से बचें, घर का बना हल्का खाना खाएं

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