कानपुर (ब्यूरो)। सौ रुपए की घड़ी चुराई, अब तो जेल जाना पड़ेगा। जेल का खाना खाना पड़ेगा&य पुराने जमाने से चली आ रही है इस कहावत के अब कोई मायने नहीं है। क्योंकि अब आप बिना जेल जाए भी जेल का खाने का स्वाद ले सकते हैं। दरअसल, कानपुर जेल गेट पर यूपी का पहले आउलेट शुरू किया गया है, जहां आप 70 रुपये में भरपेट खाना खा सकते हैं। इसमें आपको चार रोटी, दाल, सब्जी, चावल, अचार और मिर्च मिलेगा। ये खाना जेल के अंदर ही अलग किचन में बनाया जाएगा। जेल के अंदर सजा काट रहे चार बंदी खाना बनाएंगे। जबकि रिहा हो चुके दो बंदी खाना परोसेंगे। खास बात ये है कि ये खाना बनाने में आरओ वाटर यूज किया जाएगा।

नाश्ते की भी फैसिलिटी
कैंटीन सुबह 9 बजे से शाम सात बजे तक खुलेगी। लंच टाइम 1 से 4 बजे तक रखा गया है। जिसमें पैक्ड थाली में खाना मिलेगा। इसके अलावा कैंटीन में लोगों को इसकी जानकारी हो इस लिए एक रुपये की टॉफी और 5 रुपये की चॉकलेट भी दी जाएगी। आउटलेट से चाय कॉफी के साथ ही चिप्स, कुरकुरे और दूसरे स्नैक्स प्रिंट रेट पर लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इस आउटलेट से खाने का सामान, स्नैक्स और टी-कॉफी खरीदने वाले ऑनलाइन पेमेंट भी कर सकेंगे। आउटलेट में दो से पांच लोग एक साथ बैठकर चाय पी सकते हैैं। चाय-कॉफी खुलने के समय से बंद होने के समय तक और आरओ का पानी उपलब्ध रहेगा।


डेली खाने की क्वालिटी चेक करेगी कमेटी
आउटलेट का खाना क्वालिटी युक्त हो, इसके लिए जेल प्रशासन ने एक कमेटी बनाई है जो क्वालिटी चेक करेगी। इस टीम में जेल के एक डॉक्टर, जेलर और एक डिप्टी जेलर रहेंगे। क्वालिटी कंट्रोल की जिम्मेदारी इसी टीम की रहेगी। जेल अधीक्षक डॉ। बी.डी पांडेय ने बताया कि आउटलेट की स्थापना बंदी कल्याण एवं पुनर्वास सहकारी समिति संस्था के अंतर्गत की गई है। इस संस्था के प्रवर्तक जेल अधीक्षक रहेंगे। संस्था की कमेटी के अन्य सदस्यों में जेलर, डिप्टी जेलर और जेल के बंदी रहेंगे। इस संस्था के नाम से बैैंक में अकाउंट खुलवाया गया है। जो सेल होगी, उसमें लागत और दूसरे खर्चे निकालने के बाद जो भी बचेगा उसे काम करने वाले बंदियों के खाते में डाला जाएगा।