कानपुर (ब्यूरो) भीतरगांव कस्बा स्थित सदर बाजार में दुकान लगाए दुकानदार फिरोज, बड़े, अंशु गुप्ता, प्रयाग नारायण चौरसिया समेत एक सैकड़ा दुकानदारों ने शुक्रवार सुबह मेले में लगी अपनी दुकानों को बंद कर चौकी का घेराव कर दिया। दुकानदारों की मांग थी कि दोषी पुलिसकर्मियो पर कार्रवाई हो। चौकी पर घेराव की सूचना मिलते ही साढ़ थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और कमेटी के लोगों समेत दुकानदारों से बात कर उन्हें समझाया और आश्वाशन दिया कि घायल युवक का इलाज कमेटी के द्वारा कराया जायेगा।

कार्रवाई से संतुष्ट नहीं
जिसके बाद सभी दुकानदार मेले में वापस लौट गए और अपनी दुकानें खोलने लगे। हालांकि दुकानदार पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। वही मामले में कमिश्नर ने जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद भीतरगांव चौकी प्रभारी अजय गंगवार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। हालांकि दुकानदार दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे है। पीडि़त दुकानदार सुरेंद्र ने बताया कि वह पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट है।

धमकी देकर समझौता
आरोप है कि अधिकारियों ने चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई कर अन्य पुलिसकर्मियों को बचाया है। जबकि उसके साथ भीतरगांव चौकी में मारपीट करने में चौकी इंचार्ज समेत दो सिपाही शामिल थे। आरोप है कि पुलिस अधिकारी दोषी पुलिसकर्मियों पर बचाने में जुटे हुए हैं। युवक का कहना है कि साढ़ थानाध्यक्ष धर्मेद्र कुमार ने उन्हें मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर जबरन समझौता कराया है।

मामले की हो रही जांच
वहीं मामले में साढ़ थानाध्यक्ष धर्मेद्र कुमार का कहना है कि कमेटी के लोगों ने चौकी में समझौता कराया है। पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार है। समझौता दोनों पक्षों ने अपनी मर्जी से किया है। वहीं मामले में घाटमपुर एसीपी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि तत्काल प्रभाव से भीतरगांव चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।