कानपुर (ब्यूरो) पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ये सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट है। कानपुर शहर के पुराने ड्रग पेडलर्स की सूची बनाई गई है। हर थाने से नशे के कारोबार में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है। काकादेव के ड्रग माफिया सुशील बच्चा और अनवरगंज में सोनकर बंधुओं का भी नेटवर्क खंगाला जा रहा है। सुशील बच्चे के घर की पुलिस कुर्की भी कर चुकी है। रेल बाजार, पनकी, चकेरी, जूही, किदवई नगर, नौबस्ता, घाटमपुर, बेगमपुरवा, महाराजपुर समेत सीमावर्ती थानों में पुलिस ने जाल फैला दिया है। इन थानों से इस काले कारोबार से जुड़े लोगों की लिस्ट ली गई है, जिससे इनकी लोकेशन पता की जा सके।

नेपाल के रास्ते आता है नशा
कानपुर में कई बार ड्रग्स की बड़ी खेप पकड़ी जा चुकी है। सूत्रों की मानें तो कानपुर में ड्रग्स का स्टॉक किया जाता है। यहां से ड्रग पेडलर्स फुटकर में शहर और आसपास के जिलों में माल सप्लाई करते हैैं। कभी अपने व्हीकल्स में तो कभी पब्लिक व्हीकल्स से चोरी छिपे नशीला पदार्थ शहर में लाया जाता है। इस काले कारोबार में ड्रग माफिया के परिवार की महिलाएं भी शामिल हैैं। नेपाल से गोरखपुर और पूर्वाचल के तमाम जिलों से होते हुए नशे की सप्लाई कानपुर में होती है। क्राइम ब्रांच और एसटीएफ ने बड़ी मात्रा में नशे की खेप पकड़ी हैैं।

छापेमारी से मचा हड़कंप
यूं तो पूरे कमिश्नरेट और आउटर की पुलिस नशेबाजों के खिलाफ अभियान चला रही है। बीते दो दिनों में टीम ने 45 जगह छापेमारी की है। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। वहीं अवैध शराब, चरस, स्मैक और बड़ी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है। सूत्रों की मानें तो टीम को जानकारी मिली है कि ड्रग पेडलर्स ने शिक्षण संस्थानों में तनाव दूर करने के नाम पर लोगों को नशे का लती बनाना शुरू कर दिया है। संस्थानों के बाहर दुकानों पर भी पुलिस काम कर रही है।

बीते तीन महीने में तीन जोनों में हुई कार्रवाई (कमिश्नरेट और आउटर)
महीना छापेमारी गिरफ्तारी बरामद माल की कीमत
जुलाई 16 39 5.7 लाख रुपये
अगस्त 29 26 3.5 लाख रुपये
सितंबर 22 16 4.3 लाख रुपये

बरामद नशीला पदार्थ
गांजा, चरस, स्मैक, नशीली सिगरेट, नशीली गोलियां, अवैध शराब, पिंडिंट, ट्राई ग्रीन

ये स्थान हैैं टीम का टारगेट
- काकादेव कोचिंग मंडी।
- किदवई नगर कोचिंग मंडी।
- कल्याणपुर के तीन शिक्षण संस्थान।
- महाराजपुर के तीन शिक्षण संस्थान।
- सचेंडी के दो शिक्षण संस्थान।
- रेलवे स्टेशन और बस अड्डे के आस पास का एरिया।
- शहर की घनी आबादी वाला इलाका।
- विजय नगर के आस पास का इलाका

सीएम को ड्रीम प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए कानपुर के तीन जोनों में नशा रोकने के लिए तीन टीमें बनाई गई हैैं। जो लगातार नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ अभियान चला रही हैैं।
बीपी जोगदंड, सीपी कानपुर कमिश्नरेट

आउटर इलाके के थानों में लगातार चेकिंग कर नशा बेचने वालों और नशे के कैरियर्स की गिरफ्तारी की जा रही है।
तेज स्वरूप सिंह, एसपी आउटर