कानपुर (ब्यूरो) 12876 नीलांचल एक्सप्रेस में लगी पैन्ट्री कार नंबर 12803 से पनीर का सैैंपल लिया गया था। जिसके पैैन्ट्री कार मैनेजर का नाम अरविंद कुमार है। इस गाड़ी का टेंडर दिल्ली के अंबुज होटल प्राइवेट लिमिटेड के नाम से है। 26 सितंबर को इस गाड़ी से पनीर की सैैंपलिंग की गई थी। सैैंपल जांच के लिए नार्थ सेंट्रल रेलवे प्रयागराज की लैब में भेजा गया था। जहां से आई रिपोर्ट में सैैंपल में स्टार्च की मात्रा ज्यादा पाई गई और सैैंपल अनसैटिसफैक्ट्री यानी फेल कर दिया गया। डॉक्टरों की माने तो स्टार्च की मात्रा ज्यादा होने का मतलब सीधे मनुष्य के हार्ट और लीवर पर प्रभाव पड़ता है। इसी तरह 12511 गोरखपुर से तिरुअनंतपुरम जाने वाली राप्ती सागर एक्सप्रेस में लगी पैन्ट्री कार से खाद्य पदार्थ का सैैंपल लिया गया था, जिसकी जांच में सैैंपल असंतोषजनक पाया गया और इसमें केमिकल की मात्रा ज्यादा थी। इससे बॉडी के इंटर्नल पार्ट्स पर बुरा प्रभाव पड़ता है। राप्ती सागर एक्सप्रेस के इस नमूने के फेल होने के बाद इसकी जानकारी प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक द्वारा चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आईआरसीटीसी, बी-148 चौदहवां तल स्टेटमैम हाउस बारहखंभा रोड नई दिल्ली स्थित ऑफिस में न सिर्फ दी गई बल्कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पैसेंजर्स की हेल्थ से खिलवाड़ कर रहे पेन्ट्री कार संचालक
ट्रेनों में अक्सर पैसेंजर्स से ओवरचार्ज की वजह से विवाद होने की बात सामने आती है। मजे की बात ये है कि अगर पैसेंजर्स अपनी शिकायत के लिए कंपलेंट बुक मांगता है तो ट्रेन में चलने वाला आरपीएफ और जीआरपी स्टाफ पैसेंजर्स को कंपलेंट बुक तक नहीं देता है। मूवमेंट के दौरान ट्रेन के गार्ड से संपर्क करने का कोई रास्ता पैसेंजर्स के पास नहीं होता है। दबंग पेन्ट्री कार संचालक और उसका स्टाफ भी अक्सर पैसेंजर्स से अभद्रता करता है। दरअसल पेन्ट्री कार में जीआरपी, आरपीएफ और रनिंट स्टाफ के लिए बे्रकफास्ट, लंच और डिनर का इंतजाम मुफ्त में होता है, इसलिए रनिंट स्टाफ भी इनकी तरफ से ही बोलता है और पैसेंजर को चुप रहना पड़ता है।

पैसेंजर्स को ऐसे में क्या करना चाहिए
- सोशल मीडिया का सहारा लेना चाहिए।
- ट्वीट कर रेल प्रबंधन को परेशानी की जानकारी देनी चाहिए।
- रनिंग के दौरान किसी भी तरह की परेशान पर 139 पर कॉल करें।
- गूगल से आने वाले स्टेशन के अधिकारियों के नंबर मिलाकर संपर्क करें।
- आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर अपनी कंपलेन दर्ज कराएं।

स्वच्छता पखवाड़े के दौरान 38 सैैंपल भरे गए थे, जिसमें नीलांचल एक्सप्रेस के पनीर का सैैंपल फेल हुआ है और राप्ती सागर का नमूना भी फेल हुआ था लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है।
जितेंद्र कुमार, चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर कानपुर सेंट्रल (सीएचआई)