-कोरोना इंफेक्शन और मोर्टेलिटी रेट बढ़ने के साथ इंतजामों को बढ़ाने की कवायद, एलएलआर हॉस्पिटल में लेवल-3 के कोविड आईसीयू 20 वेंटीलेटर बढ़ेंगे

- हेल्थ डिपार्टमेंट और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट मिलकर इस बाबत काम करेगा, एक बार में ज्यादा क्रिटिकल कोरोना पेशेंट्स को ट्रीट किया जा सकेगा

KANPUR: शहर में कोरोना संक्रमण की बढ़ती रफ्तार और मोर्टेलिटी को देखते हुए इससे लड़ने की तैयारी भी मजबूत की जा रही है। क्रिटिकल पेशेंट् मरीजों के इलाज के लिए अब एलएलआर हॉस्पिटल की वेंटीलेटर कैपेसिटी को डबल किया जाएगा। न्यूरो साइंस सेंटर में बने कोविड आईसीयू में 20 और वेंटीलेटर बढ़ाए जाएंगे। हेल्थ डिपार्टमेंट और मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट इस बाबत मिल कर काम करेगा। जिसके बाद कोविड आईसीयू में 40 वेंटीलेटर हो जाएंगे। जिससे एक बार में ज्यादा क्रिटिकल कोरोना पेशेंट्स को ट्रीट किया जा सकेगा। अतिरिक्त वेंटीलेटर स्वास्थ्य विभाग मुहैया कराएगा। अभी कोविड आईसीयू में वेंटीलेटर और बाईपेप मशीनें मिला कर कुल 32 बेड पर क्रिटिकल पेशेंट्स के ट्रीटमेंट की क्ष्ामता है।

स्टाफ की हो रही ट्रेनिंग

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को पीएम केयर फंड से खरीदे गए एक हजार वेंटीलेटर्स में से 10 वेंटीलेटर्स मिले हैं। इन्हें इंस्टाल करने का प्रयास किया जा रहा है साथ ही डॉक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ इसे चलाने की जानकारी भी ले रहे हैं। वेंटीलेटर बनाने वाली कंपनी से इंजीनियर न आ पाने की वजह से अभी यह वेंटीलेटर्स इंस्टाल नहीं हो पाए हैं।

यूपी में सबसे ज्यादा मौतें कानपुर में

यूपी में कोरोना वायरस से मौतों की बात करें तो इसमें कानपुर सबसे ऊपर है। ट्यूजडे मिलाकर अब तक 141 संक्रमितों की शहर में मौत हो चुकी है। ज्यादातर ने एलएलआर हॉस्पिटल के कोविड आईसीयू में दम तोड़ा। कानपुर में लेवल-3 के कोरोना वायरस ट्रीटमेंट की फैसेलिटी सिर्फ एलएलआर हॉस्पिटल में ही है। ऐसे में कानपुर और आसपास के डिस्ट्रिक्ट के क्रिटिकल कोविड पेशेंट्स का ट्रीटमेंट करने की जिम्मेदारी भी एलएलआर हॉस्पिटल पर ही है, लेकिन जिस तेजी से कोरोना के केसेस बढ़े हैं। ऐसी स्थिति में बीते कई दिनों से कोविड आईसीयू फुल चल रहा है।

50 परसेंट रिकवरी

न्यूरो साइंस सेंटर में बने कोविड आईसीयू में कोरोना पेशेंट्स की रिकवरी की दर 50 परसेंट तक है। आईसीयू मैनेज करने वाले एनेस्थीसिया डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स के मुताबिक, कोमॉर्बिडिटी के साथ आने वाले पेशेंट्स को बचाने में ज्यादा परेशानी होती है। जबकि कई क्रिटिकल स्टेज में आए कोरोना पेशेंट्स यहां से ठीक होकर निकले हैं। कोविड आईसीयू के मैनेजमेंट की जिम्मेदारी एनेस्थीसिया, मेडिसिन और टीबी चेस्ट डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स और रेजीडेंट्स की अहम भूमिका है।

वर्जन-

कोविड आईसीयू में अब पेशेंट लोड काफी ज्यादा है। बेड ऑक्यूपेंसी भी फुल चल रही है। ऐसे में बेड कैपेसिटी बढ़ाने और वेंटीलेटर्स की संख्या बढ़ाने को लेकर प्रयास चल रहा है। इस बाबत सीएमओ को भी जानकारी दी गई है। उन्होंने क्रिटिकल केयर के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है।

- डॉ.रिचा गिरि, वाइस प्रिंसिपल, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज

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-40 की जाएगी कोविड आईसीयू में वेंटीलेटर कीं संख्या बढ़ाकर

-20 वेंटिलेटर की सुविधा है अभी, 20 और वेंटिलेटर लगाए जाएंगे

-32 बेड पर क्रिटिकल पेशेंट्स के ट्रीटमेंट की क्षमता है वर्तमान में

-10 वेंटीलेटर पीएम केयर्स फंड से मिल चुके हैं, शुरू होना बाकी

-141 कोरोना पेशेंट की मौत हो चुकी है अब तक कानपुर में