- सीएम ऑफिस करेगा निगरानी, दफ्तर पहुंचे या नहीं डीएम-एसएसपी

- अफसरों के सीयूजी और कार्यालय के लैंडलाइन नंबर पर किया जाएगा फोन

- अधिकारियों पर लगाम कसने को योगी के तेवर सख्त, चेक होगी हाजिरी

रुष्टयहृह्रङ्ख : जनता की शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली की खबरों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की त्योरियां चढ़ा दी हैं। डीएम, एसपी और एसएसपी को सीयूजी नंबर पर फोन खुद रिसीव करने के निर्देश जारी कर चुके योगी ने अब जिलों के इन आला अधिकारियों की दफ्तर में हाजिरी भी चेक करने के निर्देश दिए हैं। निगरानी का जिम्मा मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव कार्यालय को सौंपा है।

अधिकारी बरत रहे लापरवाही

जनता की शिकायतों का निस्तारण जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर ही हो जाए, इस पर सीएम लगातार जोर देते आ रहे हैं। इसके बावजूद शिकायतें आ रही हैं कि कुछ अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे में पिछले दिनों योगी ने निर्देश दिए कि डीएम-एसएसपी, एसपी सीयूजी नंबर पर आने वाले फोन खुद उठाएं और जनता की समस्या का तत्काल समाधान करें।

सीएम ने बैठक में दिए निर्देश

सोमवार को अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, पुलिस अधीक्षकों के कार्यालय में लैंडलाइन के साथ सीयूजी नंबर पर फोन किया जाए। इसके जरिए कार्यालयों में इनकी उपस्थिति सत्यापित की जाए। यही नहीं, योगी पहले यह भी निर्देश दे चुके हैं कि जनता से मिलने के लिए निर्धारित समय पर अधिकारी कोई मी¨टग या दौरा भी न रखें। इसके अलावा हाल ही में कुछ मामले जहरीली और नकली शराब से हुई मौतों के भी सामने आ चुके हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई के लिए कहा है। संलिप्त लोगों की संपत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने और नीलामी से प्राप्त धनराशि से प्रभावितों को मुआवजा देने केभी निर्देश दिए हैं।