लखनऊ (ब्यूरो)। अगर आप किसी फ्लाईओवर या पुराने एरियाज के मार्गों से गुजर रहे हैैं तो जरा संभल कर। इसकी वजह यह है कि चाइनीज मांझे का खतरा यहीं ज्यादा रहता है। वैसे तो कहीं भी चाइनीज मांझा आपको अपनी गिरफ्त में ले सकता है लेकिन अभी जो केसेस सामने आए हैैं, वो फ्लाईओवर्स या पुराने एरियाज के मार्गों से जुड़े हुए हैैं।

फ्लाईओवर्स के सेंटर प्वाइंट खतरनाक

फ्लाईओवर्स के सेंटर प्वाइंट पर चाइनीज मांझे का खतरा ज्यादा रहता है। वजह यह है कि सेंटर प्वाइंट की ऊंचाई अधिक होती है और जब पतंग कटती है मांझा सीधे सेंटर प्वाइंट पर आता है और उस दौरान वहां से गुजर रहे लोग उसकी चपेट में आकर घायल हो जाते हैैं। इंदिरानगर निवासी साकेत के साथ भी ऐसा ही हुआ था। कुछ दिन पहले वह निशातगंज फ्लाईओवर से गुजर रहे थे, जैसे ही वह फ्लाईओवर के सेंटर प्वाइंट से गुजरे, अचानक उनके गले में मांझा आकर फंस गया। संयोग से वह हताहत नहीं हुए लेकिन उनके गले में छील गया। अब स्थिति यह है कि यहां से गुजरते वक्त वह खासा सावधान रहते हैैं।

दीवाली के आसपास जमकर पतंगबाजी

अभी भले ही आसमान में पतंगों की संख्या कम हो लेकिन अगले महीने से आपको पुराने एरियाज में पतंगों की संख्या खासी देखने को मिलेगी। दीपावली के आसपास जमकर पतंगबाजी की जाती है। कई बार तो पैसे इत्यादि लगाकर पेंचबाजी होती है। जिसमें चाइनीज मांझे का यूज किया जाता है।

यहां खतरा अधिक

1-निशातगंज फ्लाईओवर

2-लालकुआं फ्लाईओवर

3-नक्खास फ्लाईओवर

4-पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर

5-चौक रोड

6-बांसमंडी रोड

समस्या बेहद गंभीर

अब अगर पॉश एरियाज की बात की जाए तो यहां पर चाइनीज मांझे के केस लगभग न के बराबर है। इंदिरानगर, गोमतीनगर, आलमबाग इत्यादि क्षेत्रों में पतंगबाजी बेहद कम होती है। जबकि पुराने लखनऊ से जुड़े इलाकों में जमकर पतंगबाजी होती है। बादशाहनगर से लेकर लेखराज के बीच भी पतंगबाजी होती है। खुर्रम नगर, विकास नगर एरिया में भी पतंगबाजी का शौक लोगों के सिर चढ़कर बोलता है। ऐसे में इन एरियाज में मांझे से चोट लगने का खतरा अधिक है।

खुले में नहीं बिकता चाइनीज मांझा

पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझा यूज तो किया जाता है लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि यह मांझा पतंग की दुकानों में खुले में नहीं बिकता है। अगर आप ऐसे चाइनीज मांझा लेने जाएंगे तो कोई आपको मांझा नहीं देगा। यह भी जानकारी है कि दुकानदारों की ओर से चाइनीज मांझा सिर्फ पुराने कस्टमर्स को ही दिया जाता है और वो भी स्पेशल ऑर्डर पर। सभी पतंग की दुकान चलाने वाले लोग अपने यहां चाइनीज मांझा नहीं रखते हैैं। ऐसे में यह ट्रेस कर पाना बेहद मुश्किल है कि कहां चाइनीज मांझा मिलता है।

सभी मांझे हैैं खतरनाक

सिर्फ चाइनीज मांझा ही नहीं, हर प्रकार के मांझे खतरनाक है। इसकी वजह यह है कि मांझे के निर्माण में शीशा का भारी मात्रा में यूज किया जाता है। ऐसे में जब यह शरीर के किसी हिस्से में फंसता है तो उस हिस्से को बुरी तरह से जख्मी कर देता है। अगर यह गले में फंस जाए तो गला कट जाता है।

वाट्सएप पर आए कमेंट

1- खुर्रम नगर निवासी राकेश का कहना है कि वह भी एक दो बार चाइनीज मांझे की चपेट में आने से बच चुके हैैं। अब तो उनके मन में मांझे को लेकर डर बैठ गया है। इस पर लगाम जरूरी है।

2-वृंदावन कॉलोनी निवासी समीर का कहना है कि उनके एक रिलेटिव के गले में मांझा फंस गया था। अगर उन्हें तत्काल उपचार न मिला होता तो उनकी डेथ तक हो सकती थी। चाइनीज मांझेे की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर चेकिंग अभियान चलाए जाने की जरूरत है।