नरसिंह यादव के खिलाफ साजिश की सीबीआई जांच कराएगी सरकार

अखिलेश यादव ने पहलवान नरसिंह यादव से की मुलाकात

कहा, किसी भी खिलाड़ी के भविष्य से नहीं होने देंगे खिलवाड़

LUCKNOW: सीएम अखिलेश यादव ने पहलवान नरसिंह यादव से मुलाकात कर उनको रियो ओलम्पिक-2016 से जुड़ी घटना को भुलाकर आगे बढ़ने की सलाह दी है। साथ ही आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस घटना के सभी पहलुओं की सीबीआई से जांच कराने का अनुरोध केंद्र सरकार से करेगी। उन्होंने नरसिंह के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने भविष्य के लिए कठोर लक्ष्य निर्धारित कर और अधिक मेहनत करें, जिससे वे भविष्य में होने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक प्राप्त कर सकें।

नहीं होने देंगे भविष्य से खिलवाड़

मंगलवार को मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर पहलवान नरसिंह यादव ने मुलाकात के दौरान उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि किसी एक घटना से निराश होने के बजाय उन्हें अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उनके मामले में समस्त तथ्यों की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध केंद्र सरकार से करेगी, ताकि इस प्रकरण की गहराई से छानबीन हो सके और जो दोषी पाया जाए, उसके विरुद्ध कार्यवाही हो सके। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से भविष्य में अन्य किसी खिलाड़ी के साथ इस प्रकार की घटना होने की सम्भावना क्षीण हो जाएगी। राज्य सरकार किसी भी खिलाड़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। मालूम हो कि नरसिंह यादव को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोटर््स (सीएएस) द्वारा ऐसी प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है। नरसिंह के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी का निवासी होने की वजह से इस मामले में पीएमओ ने भी हस्तक्षेप किया था जिसके बाद नरसिंह के रियो जाने की संभावना बढ़ गयी थी। बाद में अचानक उन पर चार साल का प्रतिबंध लगा दिया गया जिसकी वजह से वे रियो ओलंपिक में शामिल नहीं हो सके थे।

क्या था मामला

भारतीय कुश्ती संघ और सरकार की देखरेख में रियो जाने के वाली भारतीय कुश्ती टीम के लिए हुए सेलेक्शन ट्रायल में बेहतरीन प्रदर्शन के दम नरसिंह ने रियो ओलंपिक का टिकट कटाया था। वाराणसी के 74 केजी वेटकैटेगिरी में नरसिंह का जब रियो जाने से पहले नाडा ने डोप टेस्ट किया तो वह उसमें फेल हो गये। जिसे नरसिंह ने अपने खिलाफ साजिश बताया। काफी हो हल्ला मचने के बाद पीएमओ ने भी इसमें दखल दिया। आखिरकार कुछ दिनों तक चली जांच के बाद नाडा ने नरसिंह को क्लीन चिट दी। नरसिंह जीत की आस लेकर जब रियो पहुंचे तो उन्हें एक बार फिर से डोप टेस्ट का सामना करना पड़ा। जिसमें वो फिर से फेल हो गये। आनन फानन में व‌र्ल्ड एंडी डोपिंग एजेंसी (वाडा) नरसिंह पर मुकाबले से बाहर करते हुए वाडा ने नाडा को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि जब उसे पता था कि नरसिंह डोप टेस्ट में पहले ही पॉजीटिव पाया जा चुका था तो उसे रियो भेजा क्यों गया।