- 170 चौराहों पर सिग्नल से चल रहा ट्रैफिक

- 110 चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे

- 80 चौराहों पर और लगने हैं स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल

- हर चौराहे पर एक साथ होगा रेड और ग्रीन सिग्नल होने से लोगों की बढ़ेगी रफ्तार

- अभी हर चौराहों पर अलग-अलग टाइम पर ग्रीन और रेड सिग्नल लाइट पर चलता है ट्रैफिक

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रुष्टयहृह्रङ्ख : अब एक रूट पर चलने वाले लोगों को ट्रैफिक सिग्नल परेशान नहीं करेंगे। एक रूट पर पड़ने वाले सभी चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल एक साथ रेड और ग्रीन होंगे। इससे न केवल रोड पर ट्रैफिक का प्रेशर कम होगा बल्कि ट्रैफिक भी स्मूथ रन करेगा। अभी तक हर चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल के रेड और ग्रीन होने की टाइमिंग अलग-अलग है, जिसके चलते कई बार दो सौ मीटर चलने के बाद वाहन स्वामियों को रेड सिग्नल मिलने के चलते दोबारा ठहरना पड़ता है। इससे ईधन खर्च के साथ-साथ वायु और ध्वनि प्रदूषण पर भी असर पड़ता है। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने शहर के सभी चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल को ऑटो सिंक्रनाइजेशन करने का काम शुरू कर दिया, जिससे अब लोगों का सफर भी आसान हो जाएगा।

अलग-अलग टाइमिंग से बढ़ रहा प्रेशर

शहर में स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाने का उद्देश्य ट्रैफिक व्यवस्था को स्मूथ करना था। ऐसे में करीब 170 चौराहों को स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल से चलाया भी जा रहा है। यहीं नहीं 80 और चौराहों पर सिग्नल से ट्रैफिक रन कराने की तैयारी पूरी हो चुकी है। हालांकि सभी चौराहों पर रेड और ग्रीन लाइट होने की टाइमिंग अलग है। इसके चलते ट्रैफिक का प्रेशर खत्म नहीं हुआ। यहीं नहीं दो सौ से पांच सौ मीटर की दूरी पर लगे ट्रैफिक सिग्नल की टाइम में अंतर होने के चलते ट्रैफिक प्रेशर कम होने की जगह बढ़ रहा है।

प्रदूषण और ईधन खर्च भी बढ़ रहा

ट्रैफिक सिग्नल की सेम टाइमिंग न होने के चलते कई छोटे-छोटे चौराहों पर अनावश्यक ट्रैफिक प्रेशर बढ़ गया है। इसके चलते व्हीकल से निकलने वाला ध्वनि और वायु प्रदूषण संग ईधन खर्च भी बढ़ रहा है। ट्रैफिक डिपार्टमेंट ने सर्वे के बाद एक रूट पर आने वाले चौराहों पर एक साथ ट्रैफिक सिग्नल चलाने का फैसला किया है।

निशातगंज और महानगर में सफल रहा प्रयोग

ट्रैफिक विभाग ने सबसे पहले निशातगंज और महानगर रूट पर ट्रैफिक सिग्नल की टाइम को सेम करके इसका प्रयोग किया। इस प्रयोग में वह पूरी तरह सफल भी हुए। इसकी रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई, जिसके बाद अब एक रूट के कई अन्य चौराहों के ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग सेम करने के लिए सभी चौराहों पर लगे सिग्नल को ऑटो सिंक्रनाइजेशन करने का काम शुरू कर दिया गया है।

कई रूट पर रि-टाइमिंग वैल्यूवेशन

इसके अलावा शहर के कई रूट के चौराहों पर लगे ट्रैफिक सिग्नल की टाइमिंग में भी बदलाव किया जाएगा। इसके लिए ट्रैफिक विभाग रि-टाइमिंग वैल्यूवेशन कर रहा है। मसलन चौराहों पर लगे सिग्नल में कितने देर में रेड और ग्रीन होने चाहिए, उन चौराहों पर ट्रैफिक प्रेशर कितना है। उसके अनुसार उनकी टाइमिंग का रि-शेड्यूल करने की तैयारी है।

इन रूट पर होगा रि-टाइमिंग वैल्यूवेशन

- कैंट

- पॉलीटेक्निक चौराहा

- मुंशी पुलिया चौराहा

- आलमबाग नहर चौराहा

- कमता तिराहा

- गोमती नगर पत्रकार चौराहा

- बंदरिया बाग चौराहा

कोट-

शहर में कई जगह कम दूरी पर सिग्नल से ट्रैफिक रन कराया जाएगा। ऐसे चौराहों के सिग्नल को ऑटो सिंक्रनाइजेशन किया जा रहा है। ताकि एक समय पर सिग्नल रेड और ग्रीन होगा। इससे ट्रैफिक का प्रेशर कम होने के साथ लोगों को भी कम दूरी वाले सिग्नल पर काफी देर तक वेट नहीं करना पड़ेगा।

डॉ। ख्याति गर्ग, डीसीपी ट्रैफिक