लखनऊ (ब्यूरो)। केजीएमयू में सर्जिकल सांइसेस सेंटर की स्थापना की जाएगी। जिसके तहत संस्थान में संचालित सर्जरी के सभी विभागों को एक किया जाएगा। अभी करीब 40 ऑपरेशन थिएटर विभिन्न विभागों में संचालित हो रहे हैं, उनकी सभी ओटी व पोस्टऑप वार्ड एक ही छत के नीचे होंगे। जिससे सर्जरी के मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा। यह जानकारी बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीसी डॉ। बिपिन पुरी ने दी।

मरीजों को मिलेगी राहत

वीसी ने बताया कि सर्जिकल साइंसेज सेंटर बनने से गेस्ट्रो सर्जरी, यूरो, जनरल, ईएनटी, सीटीवीएस, नेत्र, ट्रॉमा, न्यूरो सर्जरी और पीडियाट्रिक सर्जरी समेत दूसरे विभागों के मरीजों के ऑपरेशन होंगे। वहीं मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीपीपी मॉडल पर पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी की जांचें बढ़ाई जाएंगी। इससे मरीजों को आधुनिक जांच की सुविधा का लाभ मिलेगा। केजीएमयू को बिना खर्च किए आमदनी का जरिए बढ़ेगा। वहीं छात्रों के पढ़ाई की राह आसान होने के साथ जांच के तौर तरीके सीखेंगे। शोध में भी आसानी होगी और आसानी से जांच संबंधी डेटा भी मिल सकेगा।

मल्टी स्टोरी हॉस्टल बनेगा

वीसी ने बताया कि एमबीबीएस स्टूडेंट्स को प्रत्येक क्लास के बाद शिक्षक बहुविकल्पीय पांच सवाल दिए जाएंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई का दायरा बढ़ेगा। मेडिकल स्टूडेंट्स के टीजी व लिंब सेंटर के निकट मल्टी स्टोरी हॉस्टल बनेगा। मेडिकल छात्रों की परेशानी को जानने के लिए क्यूआर कोड बनाया गया है। जिसके माध्यम से छात्र अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

ये बढ़ेंगी सुविधा

-जिला बलरामपुर में केजीएमयू का सेटेलाइट कैंपस का जल्द संचालन होगा

-केजीएमयू में ई-गवर्नेंस सेवाओं को बढ़ाया जाएगा

-ट्रॉमा सेंटर व घायलों की भर्ती अलग-अलग होगी। इसके लिए अलग से इमरजेंसी भवन बनाया जाएगा। डीपीआर को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।

-इंफेक्शियस डीसीज हॉस्पिटल बनेगा

-मेडिकल छात्रों को रोजगार को प्लेसमेंट सेल बनाया गया

-देश-विदेश के एल्युमिनाई को जोडऩे का अभियान चलाया जाएगा