- स्कूटी चला रही युवती घायल, पीछे बैठी युवती की हुई मौत

- पब्लिक ने ट्रक ड्राइवर को पकड़ा कर पीटा, पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लिया

LUCKNOW: चौक में बुधवार शाम एक ट्रक ड्राइवर की लापरवाही से पहिए के नीचे दबकर एक युवती की मौत हो गई। वहीं स्कूटी चला रही महिला घायल हो गई। हादसे के बाद राहगीरों ने दौड़ाकर ड्राइवर को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस किसी तरह भीड़ से ड्राइवर बचाकर थाने ले गई।

ट्रक की टक्कर से स्कूटी हुई अनियंत्रित

इंस्पेक्टर चौक विश्व जीत सिंह के मुताबिक नक्खास चौराहे पर पुल का काम चल रहा है। शाम चार बजे

उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम का ट्रक वहां से गुजर रहा था। ट्रक के बगल से मोतीझील ऐशबाग की सीमा सिंह अपनी स्कूटी से सामान खरीदने के लिए जा रही थी। उनके साथ पीछे की सीट पर सरिता साहनी (22) बैठी थी। सीमा ने बताया कि ट्रक ड्राइवर ने अचानक ट्रक उसकी तरफ मोड़ दिया, जिससे ट्रक की टक्कर से स्कूटी अनियंत्रित हो गई। स्कूटी के पीछे बैठी सरिता दाएं तरफ गिर पड़ी और गाड़ी चला रही सीमा सिंह बाई तरफ स्कूटी लेकर गिर पड़ी। ट्रक का पिछला पहिया सरिता पर चढ़ गया। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई जबकि सीमा के भी चोट आ गई। इसी बीच स्थानीय लोगों ने ट्रक ड्राइवर को ट्रक से निकालकर उसकी जमकर पिटाई कर दी गई। सूचना पर पहुंचे नक्खास चौकी इंचार्ज हरिप्रसाद ने किसी तरह भीड़ से ट्रक ड्राइवर को बचाकर थाने पहुंचे और ट्रक को सीज कर दिया। पुलिस ने घायल युवती को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

दूसरों के घरों में काम कर परिवार का चल रही थी खर्च

एक्सीडेंट में घायल सीमा ने बताया कि सरिता गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी। मृतका के पिता लल्लन साहनी रिक्शा ट्राली चलाकर अपने घर का भरण पोषण करते हैं। लल्लन के एक बेटा व तीन बेटियां हैं, जिसमें सरिता तीसरे नंबर की बेटी थी। वह अपनी मां चिंका के साथ दूसरे के घरों में घरेलू काम करती थी।

निर्माण के दौरान सुरक्षा के इंतजाम नहीं

राज्य सेतु निगम की ओर से चौक के चरक चौराहे से एवरेडी चौराहे तक पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल के निर्माण कार्य से यहां से गुजरने वालों को तमाम असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके पहले भी कई बार यहां जारी निर्माण में लापरवाही बरतने के चलते हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद भी यहां पर संबंधित विभाग ने लोगों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं किए गए, जिसके चलते आए दिन कोई ना कोई हादसा होता रहता है।