मेरठ ब्यूरो। यूनिवर्सिटी में बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन किया गया। इसके अलग -अलग आठ सत्रों में देश के विभिन्न सरकारी यूनिवर्सिटीज के कुलपतियों, शिक्षाविदों एवं भारत सरकार उद्योग एवं वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं समेत एक दर्जन वक्ता पहुंचे। उन्होंने महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने पीएम के विकसित भारत 2047 संकल्प के लिए इसको अहम कड़ी करार दिया। कार्यशाला में दिखा उत्साह

यूनिवर्सिटी के डॉ। सीवी रमन सभागार में बौद्धिक सम्पदा अधिकार विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ समूह चेयरमैन डॉ। सुधीर गिरि, प्रतिकुलाधिपति डॉ। राजीव त्यागी, पंतनगर यूनिवर्सिटी के सीईओ प्रो। जेपी मिश्रा, सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक पाण्डे, उद्योग मंत्रालय के यासिर अब्बास जैदी, रक्षा मंत्रालय के पूर्व निर्देशक डॉ। अविनाश कुमार एवं कुलपति डॉ। एके शुक्ला आदि ने दीप प्रज्जवलित किया।

अपने उत्पादों को पेटेंट करें

पंतनगर कृषि यूनिवर्सिटी के सीईओ प्रो। (डॉ।) जेपी मिश्रा ने कहा कि आज विकसित एवं विकासशील देशों की ग्रोथ में फर्क सिर्फ इतना है कि विकसित देश अपनी बौद्धिक संपदाओं को बहुत पहले से ही कॉपी राइट, पेंटेंट एवं ट्रेडमार्क जैसी फुलप्रूफ स्क्यिोर तकनीक द्वारा सुरक्षित करके पूरी दुनिया पर राज करते रहे हैं। उन्होंने कहा आज भारत में भी प्रत्येक विभाग में देश के वैज्ञानिक, शोधार्थी, औद्योगिक इकाईयों, शिक्षण संस्थान, सरकारी संस्थाएं अपनी योजनाओं एवं अपने उत्पादों को पेटेंट कर विकसित भारत संकल्प 2047 की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

ये लोग रहे मौजूद

कार्यशाला को प्रधान सलाहकार प्रो। वीपीएस अरोड़ा, प्रतिकुलाधिपति डॉ। राजीव त्यागी, कुलपति डॉ। एके शुक्ला, डीआरडीओ के निदेशक प्रो। अविनाश कुमार कार्यक्रम संयोजक डॉ। राजेश सिंह एवं डॉ। मोहित शर्मा आदि ने संबोधित किया। इस मौके पर सीईओ अजय श्रीवास्तव, कुलसचिव प्रो। पीयूष पाण्डे, प्रतिकुलपति डॉ। राकेश यादव, डॉ। तेजपाल सिंह, डॉ। सीपी सिंह, डॉ। अनिल जयसवाल, डॉ। आशुतोष सिंह, डॉ। ओम प्रकाश गोसाई, डॉ। राहुल कुमार, डॉ। अश्विन कुमार सक्सेना आदि मौजूद रहे।