मेरठ (ब्यूरो)। श्री वेंक्टेश्वरा यूनिवर्सिटी में भारतीय किसान दल के संयुक्त तत्वावधान में उन्नत कृषि एवं किसान राष्ट्र विकास की नींव पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें देश भर से आए कृषि वैज्ञानिकों, पर्यावरणविदों, शोधार्थियों शिक्षाविदों ने किसानों की आय बढाने एवं राष्ट्र विकास में उनकी प्रभावी भूमिका पर मंथन किया।
भगवान हैैं अन्नदाता
उन्होनें एक सुर में अन्नदाता को भगवान का दर्जा देते हुए उनके उत्थान की बात की। कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में मुख्य वक्ता पदमश्री भारतभूषण त्यागी ने कहा कि किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य एवं अधिकतम मूल्य के बीच से जबतक जमाखोर एवं बिचौलियों की भागीदारी पूरी तरह प्रतिबन्धित नहीं होगी। राज्य व केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए चलायी जा रही शानदार कृषि नीतियां जैसे किसान फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना तथा मृदा स्वास्थ परीक्षण योजना जैसी योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन नहीं होगा, तब तक किसानों का उत्थान सम्भव नहीं है।
तुरंत मिले मुआवजा
मुख्य अतिथि अखिल भारतीय किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री दिनेश कुलकर्णी ने कहा कि किसानों को किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे सूखा, बाढ, ओलावृष्टि के तुरन्त बाद मुआवजा प्रदान किया जाए, बैंको और बीमा कंपनियों को त्वरित भुगतान के लिए आदेशित किया जाए व किसानों को पुरानी परम्परागत खेती के तरीकों को छोड़कर नई तकनीकों के साथ उन्नत एवं जैविक खेती की ओर बढ़ावा दिया जाए तो भारत को फिर से विश्वगुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता।
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ। राजेश सिंह, डॉ। सीपी कुशवाह, डॉ। अनिल जयसवाल, डॉ। एसएन साहू, मेरठ परिसर से डॉ। प्रताप, अलका सिंह, डॉ। वर्षा यादव, डॉ। लक्ष्मीकांत, डॉ। माताप्रसाद, डॉ। रामकुमार, डॉ। विकास दुबे, डॉ। विपिन कुमार, संजीव राय, लल्लू प्रसाद, सिंह, प्रीतपाल एवं मीडिया प्रभारी विश्वास राणा आदि लोग उपस्थित रहे।