दिल्ली से मेरठ तक रैपिड रेल प्रोजेक्ट की रफ्तार तेज

स्टेशन के पिलर पर प्री कास्ट आर्म स्थापित हुआ

Meerut। दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल कारिडोर के अंतर्गत गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशन के प्लेटफार्म लेवल का निर्माण कार्य शुरू हो गया। यह स्टेशन 17 किमी। लंबे प्राथमिकता वाले खंड का सबसे ऊंचा स्टेशन होगा। इसी क्रम में रविवार को आरआरटीएस स्टेशन के एलिवेटेड पिलर के ऊपर प्लेटफार्म लेवल बनाने के लिए पहला प्री कास्ट क्रास आर्म (प्लेटफार्म का आधार) स्थापित किया गया है। इसी तरह आठ प्री कास्ट क्रास आर्म स्थापित किए जाएंगे, जिसके बाद प्लेटफार्म लेवल का निर्माण पूरा हो जाएगा।

चल रहा कार्य

एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार प्लेटफार्म लेवल के एक क्रास आर्म को बनाने के लिए छह प्री कास्ट सेगमेंट को एक लाइन से निर्मित पिलर के साथ जोड़ा जाएगा। इन सेगमेंट को हाइड्रोलिक क्रेन एवं टैकल विथ डबल ए¨क्टग हाइड्रोलिक जैक की मदद से लिफ्ट किया जाएगा। पिलर के साथ हाइटेंशन वायर द्वारा इसे फिक्स किया जाएगा।

बन रहा बैरिकेडिंग जोन

इस प्रकार बने इस क्रास आर्म की कुल लंबाई लगभग 42 मीटर है। यह भूतल से लगभग 22 मीटर ऊपर स्थापित किए जा रहे हैं। एक क्रास आर्म का कुल वजन लगभग 400 टन है। इस कार्य को बैरिके¨डग जोन बनाकर किया जा रहा है।

हो रहा डी-वॉल निर्माण

मालूम हो कि यह स्टेशन मार्च 2023 में शुरू होने वाले दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कारिडोर के प्राथमिकता खंड का हिस्सा है। चूंकि गाजियाबाद स्टेशन से ठीक पहले आरआरटीएस का एलाइनमेंट दिल्ली मेट्रो वायडक्ट के साथ-साथ मौजूदा सड़क के फ्लाईओवर को भी पार करेगा। इसी कारण यह स्टेशन जमीन से लगभग 26 मीटर ऊंचाई पर बनाया जा रहा है। गाजियाबाद आरआरटीएस स्टेशन का निर्माण गाजियाबाद के मेरठ तिराहा पर किया जा रहा है और इसे मौजूदा दिल्ली मेट्रो स्टेशन (शहीद स्थल न्यू बस अड्डा मेट्रो स्टेशन) और गाजियाबाद के बस स्टैंड के साथ जोड़ा जाएगा। इसी तरह मेरठ में भी बेगमपुल और भैंसाली भूमिगत स्टेशन के डी-वाल निर्माण समेत अन्य कार्य भी चल रहे हैं।