पुराने शहर में सीवरलाइन की खुदाई और साफ सफाई बनी समस्या

शहर के पुराने मोहल्ले आते हैं वार्ड संख्या 70 में

Meerut। शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण हर साल बदस्तूर जारी है हर साल इस सर्वेक्षण के दौरान नगर निगम द्वारा भरपूर साफ सफाई का दावा किया जाता है। लेकिन उसके बाद भी पूरे साल शहर के अधिकतर वार्ड या कहें मोहल्ले और बाजारों की हालत जस की तस बनी रहती है। ऐसा ही शहर का एक प्रमुख वार्ड है वार्ड संख्या 70. शहर के पुराने मोहल्ले इस वार्ड में आते हैं। इस वार्ड में अधिकतर मोहल्लों में संकरी और ढलाव दार गलियों का जाल फैला हुआ है। जिस कारण से यहां अधिकतर सभी मूलभूत सुविधाओं की सालभर दरकार रहती है।

व्यापारिक गतिविधियों वाला वार्ड

शहर के प्रमुख वार्ड 70 में कोतवाली थाने के चारों तरफ का क्षेत्र आता है। इसमें सुभाष बाजार, बाजार कालामल, साबुन ग्रान, कैंचीयान, गुदड़ी बाजार, नक्काशीयान, इस्माइल नगर जैसे प्रमुख मोहल्ले और बाजार शामिल हैं। ऐसे में इस वार्ड में व्यापारिक गतिविधि अधिक होने के कारण गंदगी की समस्या सबसे अधिक बनी रहती है।

प्रमुख समस्याएं

आठ आठ दिन कूड़ा नहीं उठता

झाडू लगाने के लिए कई कई दिन तक सफाई कर्मी नहीं आते

आठ दिन में एक बार नालियों की सफाई होती है

कूड़ा मार्केट में जगह जगह फैला रहता है

आवारा कुत्तों के कारण लोग परेशान हैं

सीवर लाइन के कारण सड़कों की बदहाली

सीवर लाइन से खुदी सड़कें

वार्ड 70 के कई मोहल्लों में गत छह माह से सीवर लाइन डालने का काम किया जा रहा है। सीवर लाइन का काम भले ही तेज गति से जारी हो लेकिन इसके ऊपर सड़क बनाने का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है जिस कारण से कई प्रमुख बाजारों में सड़कें खुदी हुई हैं। इससे आए दिन जाम, दुर्घटना, जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ता है।

एक सप्ताह में हो रही सफाई

वहीं इस वार्ड मे बाजार अधिक होने के कारण गंदगी अधिक होती है लेकिन उसके एवरेज मे सफाई ना के बराबर है। रोजाना साफ सफाई ना होने से बाजार में जगह जगह सड़क किनारे कूडे़ का ढेर लगा रहता है। आठ आठ दिन तक यह कूड़ा नही उठता और ना ही वार्ड मे झाडू लगाने निगम के कर्मचारी आते हैं।

आवारा कुत्ते बने परेशानी

इसके अलावा वार्ड में आवारा कुत्तों के कारण स्थानीय लोग व व्यापारी परेशान हैं। आवारा कुत्ते रात के समय लोगो को घरों से बाहर तक नही निकलने देते हैं। दिन मे व्यापारियों को कुत्ते अपना शिकार बना लेते हैं।

वार्ड में सड़कें खुदी हुई है। दुपहिया वाहन चलाना भी दूभर रहता है। जहां जहां सीवर लाइन का काम पूरा भी हो गया है वहां भी सड़क नही बनी है।

शरीफ अहमद

वार्ड मे आठ आठ दिन तक सफाई कर्मी नही आते हैं। कूड़ा उठाने के लिए भी एक सप्ताह का इंतजार करना पड़ता है।

मश्कुर ख्वाजा

आवारा कुत्ते इस वार्ड की सबसे प्रमुख समस्या है। रात तो दूर दिन में भी कुत्ते लोगो को काट लेते हैं। इस कारण से गलियों में निकलना तक दूभर है।

मो। वसीम

संकरी गलियां है ऐसे में निगम की कूडा कलेक्शन गाडि़यां तो इस वार्ड की अधिकतर गलियों में आती ही नही हैं। खुद लोग गलियों के बाहर खुले में कूड़ा फेंक देते हैं जिससे गंदगी जगह जगह फैली रहती है।

मो खालिद

पुराने शहर के वार्डो में साफ सफाई की शिकायतें मिल रही हैं इसके लिए हम खुद औचक निरीक्षण कर सफाई कर्मचारियों की उपस्थित जांच रहे हैं कई बार एक्शन भी हो चुका है।

डॉ। गजेंद्र सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी