मेरठ (ब्यूरो)। शहरभर में इन दिनों में प्रशासन द्वारा मिशन शक्ति अभियान के तहत गल्र्स कॉलेजों में साइबर क्राइम को लेकर छात्राओं को जागरुक किया जा रहा है। अभी दो दिनों पहले आरजी गल्र्स पीजी कॉलेज व इस्माईल कॉलेज में भी साइबर क्राइम को लेकर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसमें गल्र्स को बताया जा रहा है कैसे वो जागरुक होकर साइबर क्राइम का शिकार होने से बच सकती हैं।

केस-1 : मजबूरी बताकर मांगे पैसे
शास्त्रीनगर निवासी सुमिता रानी के फेसबुक एकाउंट पर उनकी दोस्त के नाम से हेल्प के लिए मैसेज आया। उन्होंने बताया कि जब उसके लिए दिए नंबर पर उन्होंने व्हाट्सएप किया तो कॉल नहीं उठी सामने से अपनी मजबूरी बताकर पैसे मांगे गए। सुमिता ने ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कर दिए और उसके बाद से वो नंबर बंद हो गया। बाद में पता लगा कि वो ठगी का शिकार हो गई हैैं।

केस-2 : आपत्तिजनक वीडियो भेजे
कंकरखेड़ा निवासी अर्पिता ऑनलाइन बिजनेस करती हैैं। उनकी आईडी पर एक लड़की के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। उन्होंने लड़की समझकर एक्सेप्ट कर ली। बाद में उनको उस आईडी से मैसेंजर पर वर्गल मैसेज व वीडियोज आने लगी, उन्होंने बताया यहां तक विडियो कॉल आने लगी। उन्होंने उस आईडी को तुरंत ब्लॉक किया और साइबर क्राइम में कंप्लेन कर दी।

केस-3 : फोटो का मिस्यूज किया
रजबन रहने वाली ज्योति ने बताया कि उनके फेसबुक अकाउंट से किसी ने उनकी फोटो का मिस्यूज करके फेसबुक पर ही एक फर्जी एकाउंट बना लिया। एक फ्रेंड के जरिए उन्हें इस अकाउंट का पता चला। उन्होंने अकाउंट खुद सर्च किया और देखा तो हुबहू उनके अकाउंट की तरह फर्जी अकाउंट को तैयार किया गया था। इसके बाद ज्योति ने बिना देर करे इस मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज कराई।

ये हैैं साइबर क्राइम के तरीके
1. मोबाइल या कंप्यूटर में इंटरनेट का इस्तेमाल कर किसी व्यक्तिगत या सरकार की आर्थिक संपत्ति संबंधित आर्थिक अपराध करना।

2. डिवाइस में ऐसा वायरस पहुंचना, जिससे आपकी डाटा को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

3. आपके नेटवर्क को आपकी जानकारी के बिना गलत कार्यों इस्तेमाल करना जो गैर कानूनी है।

4. आपके निजी या किसी प्राइवेट या किसी शासकीय कार्यों में उपयोग होने वाले कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल फोन के जीमेल, ईमेल पर ऐसे मेल करना जिस पर आप गलती से क्लिक कर दें या कोई गलती से उपयोगी मेल समझ कर पर्सनल जानकारी देने की स्थिति में साइबर अपराध होने की संभावना हो सकती है।

5. इंटरनेट की मदद से सोशल साइट्स पर गैर कानूनी फोटो या भ्रांतियां फैलाना भी साइबर क्राइम के दायरे में आता है।

6. मोबाइल फोन में किसी बैंक के नाम से या किसी सरकारी योजना के नाम से मैसेज में कोई फर्जी लिंक शेयर करना भी साइबर अपराध होता है।

7. किसी फर्जी वेबसाइट द्वारा असली वेबसाइट्स से मिलता-जुलता नाम रख पब्लिक के साथ ऑनलाइन फ्रॉड करना भी साइबर क्राइम कहलाता है।

ऐसे बचें साइबर क्राइम से
1. अपनी ईमेल व जीमेल का पासवर्ड कही पर न लिखे और न ही किसी मोबाइल-नोटपैड एप पर लिखें, आईडी पासवर्ड हमेशा याद रखें।

2. समय-समय पर अपनी आईडी का पासवर्ड बदलते रहे।

3. लॉगिन यूजरनेम और पासवर्ड भी गोपनीय रखें।

4. मोबाइल फोन और लैपटॉप में एंटी वायरस रखें जो समय समय पर ऑटोमैटिक वायरस को नष्ट करता रहता है।

5. मोबाइल या कंप्यूटर किसी दूसरे व्यक्ति को बेचने से पहले गूगल अकाउंट मे जाकर अपनी आईडी रिमूव जरूर करें।

6. अनजान मैसेज लिंक या मोबाइल पर आए नोटिफिकेशन पर बिना जानकारी के क्लिक न करें, उसे रिमूव कर दें।

7. मनी ट्रांसफर एप जैसे एसबीआई नेट बैंकिंग, फोन पे, गूगल पे व अन्य जो भी आप उपयोग करते हो, काम होने पर तुरंत लॉगआउट करें।

कॉलेज में साइबर क्राइम को लेकर प्रोग्राम का आयोजन किया गया था। हमें बताया कि किस तरह से हम थोड़ी सी सर्तकता रखते हैं तो साइबर क्राइम का शिकार होने से बच सकते हैं।
खुशी

साइबर क्राइम का शिकार होने से बचने के लिए हमें छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना चाहिए, टेक्निकल प्वाइंट बताए थे कि हम अपने प्रोफाइल बनाते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।
सरिता

साइबर क्राइम का शिकार होने से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं, इस बारे में कॉलेज में आयोजित की गई सेमिनार के दौरान एक्सपर्ट ने कई अहम जानकारियां दी थीं।
वैष्णवी

हमें कॉलेज में साइबर एक्सपर्ट ने बताया कि हर किसी की रिक्वेस्ट एक्सेप्ट नहीं करनी चाहिए, साथ ही उन्होंने बताया था कि प्रोफाइल बनाते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।
प्रियंका