मेरठ, (ब्यूरो)। गौरतलब है कि अब इंजीनियरों की शिक्षा अब सिर्फ सड़क और इमारत के निर्माण में ही काम नहीं आएंगी। बल्कि सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले नौनिहालों के भविष्य के निर्माण में भी प्रयुक्त होगी। अब स्कूलों में नौनिहालों को इंजीनियर्स पढ़ाएंगे। इसके साथ ही इंजीनियरिंग की कई नई टिप्स देंगे।

शासन की पहल
गौरतलब है कि इंजीनियर जल्द ही यूपी के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने का काम शुरू करेंगे। इस संबंध में शासन ने प्लानिंग की है सभी बेसिक अधिकारियों को लेटर दिया है।
इंजीनियर्स को निर्देश
शासन के अनुसार सरकारी इंजीनियर सप्ताह में एक दिन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को गणित व विज्ञान की शिक्षा देंगे। इसके लिए इंजीनियरों को निर्देश दिया गया है।।

साइंस, गणित पढ़ाएंगे
शासन के अनुसार सरकारी इंजीनियरों को जब मन हो या जब भी समय मिले वह बच्चों को पढ़ा सकते हैं। वहीं, विज्ञान और गणित जैसे विषयों में बच्चों के कमजोर होने जैसी कोई बात नहीं है। ऐसे में शासन की ओर से पहल की गई है कि सरकारी इंजीनियर अब बच्चों को साइंस और इंजीनियरिंग पढ़ाएंगे।

ताकि बेहतर हो विषय
गौरतलब है कि इंजीनियर्स को गणित और विज्ञान का बहुत अच्छा ज्ञान होता है। इसीलिए उन्हें इन विषयों को पढ़ाने के लिए कहा गया है। मकसद है कि सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चे साइंस और गणित में बेहतर प्रदर्शन कर सके।
ट्रेनिंग की नहीं जरूरत
दरअसल, इंजीनियर्स को साइंस और गणित पढ़ाने के लिए उन्हें किसी तरह के कोई प्रशिक्षण देने की भी कोई आवश्यकता नहीं है। यहां के सरकारी स्कूलों में सभी के सहयोग से पढ़ाई को बेहतर करने का प्रयास किया जा रहा है।

15 दिन में समीक्षा
शासन के अनुसार इंजीनियरों के इन कामों के मूल्यांकन की व्यवस्था भी की जा रही है। अगर वह व्यस्त हैं तो कोई बात नहीं हैं, लेकिन खाली समय में उन्हें अपना सहयोग देना होगा। इन स्कूलों की प्रगति कार्य की समीक्षा भी हर 15 दिनों में की जाएगी।

शिक्षकों ने दी सलाह
शासन के अनुसार अभी बीते साल सभी सरकारी शिक्षकों से गणित व साइंस कि सुधार के लिए फीडबैक मांगा तो शिक्षकों द्वारा स्कूलों में ऐसा प्रयोग करने की सलाह दी है इसके आधार पर इस दिशा में शासन ने कदम बढ़ाए हैं।

चल रहा अभिनव प्रयोग
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि मेरठ में काफी स्कूलों को सरकारी अधिकारियों ने गोद ले रखा हैं। उनमें यह अभिनव प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि इंजीनियर गणित और विज्ञान के विशेषज्ञ होते हैं। इसलिए वे बच्चों को सही तरीके से गणित और विज्ञान जैसे विषय की जानकारी दे सकते हैं। इसी कारण उन्हें सप्ताह में एक दिन बच्चों को पढ़ाने के लिए कहा गया है, जो किया जाएगा।