मेरठ (ब्यूरो). विधानसभा चुनाव में पीठासीन अधिकारी और चुनाव कर्मियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव से जुड़े अधिकारियों व कर्मचारियों की कोरोना जांच के बाद ही उनको चुनाव ड्यूटी पर भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन्हें दवा की किट दी जाएगी, जिसमें सर्दी-जुकाम, बुखार और उल्टी-दस्त के उपचार की दवा और ओआरएस का पैकेट होगा। चुनाव में ड्यूटी करने वालों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दो हजार किट तैयार की हैं।

पेट दर्द और सांस की भी दवा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ। अखिलेश मोहन ने बताया कोरोना संक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी चल रही हैं। ऐसे में चुनाव आयोग ने गाइडलाइन जारी की है कि चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने वाले पीठासीन अधिकारी और कर्मियों के लिए कोरोना जांच हो और बीमारी से निवारण के लिए दवा की किट दी जाए। इस किट में बदन दर्द, सिर दर्द, बुखार, जुकाम, एलर्जी एंटीबायोटिक, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, पेट में जलन और सांस फूलने से बचने की दवा होगी। सभी दवा की किट पर कोविड कमांड कंट्रोल रूम के नंबर भी लिखवाए जाएंगे, ताकि कोई भी समस्या होने पर फौरन स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन से संपर्क किया जा सके। इस किट का वितरण मतदान ड्यूटी पर जाने से पहले किया जाएगा।

कोविड प्रोटोकॉल का करें पालन
गौरतलब है कि मेरठ में दस फरवरी को मतदान होना है। मतदान से पूर्व ही तमाम तैयारियों में अधिकारियों और कर्मचारियों को जुटना पड़ता है। सीएमओ ने कहा चुनाव के कार्य में जुटे सभी अधिकारियों कर्मचारियों को चाहिए कि वह कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करें। कोशिश करें कि ड्यूटी के दौरान सामाजिक दूरी बनी रहे और मुंह व नाक से मास्क नहीं हटे। समय-समय पर साबुनपानी से हाथ धुलते रहें। यदि हाथ धोना संभव न हो तो सेनेटाइजर का प्रयोग जरूर करें। उन्होंने कहा इन सभी को व्यवहार में लाने से काफी हद तक कोरोना संक्रमण से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा खांसी, जुकाम बुखार जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत कोरोना की जांच कराएं और उपचार लें।