कैंट बोर्ड में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरु

अंग्रेजो के जमाने की रोड को तोड़ने में ठेकेदार के छूटे पसीने

सड़क को तोड़ने के लिए गुरुग्राम से मंगवाया गया है स्पेशल कटर

- 100 करोड़ रुपए का होगा पूरा प्रोजेक्ट।

- 40 करोड़ रुपये में बिछाई जाएगी सीवरेज पाइप लाइन

- 25 करोड़ रुपए में होगा तीन साल का मेंटेनेंस

- 30 करोड़ में लगाए जाएंगे चार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट।

इस कटर का किराया प्रतिदिन

35 हजार रूपये प्रतिदिन का किराया है स्पेशल कटर का

Meerut । कैंट बोर्ड में इन दिनों में सीवर लाइन बिछाने का काम शुरु हो गया है जगह-जगह यहां सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़कों को तोड़ने का काम किया गया है। ऐसे में सदर थाने से लेकर बॉम्बे बाजार तक की अंग्रेजों के जमाने की सड़क को तोड़ने में ठेकेदारों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। बावजूद इसके, सड़क को तोड़ा नहीं जा सका। अब इसके लिए गुड़गांव से स्पेशल कटर मंगवाया गया है। अब इस स्पेशल कटर से रोड को तोड़ा जाएगा। इस कटर का किराया प्रतिदिन 35 हजार रूपये है। ठेकेदार रुपेश ने बताया कि इस कटर की बॉडी बहुत मजबूत है। मेरठ में पांच साल पहले गंगानगर में भी एक सड़क को तोड़ने के लिए इसी कटर को मंगवाया था। दरअसल, ये अंग्रेजों के जमाने की 200 साल पुरानी सड़कें ज्यादा मजबूत है। इनको तोड़ पाना बहुत मुश्किल है। इसलिए, अब स्पेशल कटर को रेंट पर मंगवाया गया है।

47 करोड़ की थी स्वीकृति

दरअसल, 2013 में ही कैंट क्षेत्र में सीवरेज लाइन का जाल बिछाने के लिए प्लानिंग की गई थी, पहले तो तीन वार्ड में काम होना था, लेकिन अब पूरे कैंट में हो रहा है, पूरे कैंट क्षेत्र में सीवर लाइन होने से जहां लोगों को जलभराव से राहत मिलेगी वहीं सफाई भी बेहतर रहेगी। कैंट में 300 से अधिक बंगले और दस हजार से ज्यादा संपत्तियां हैं। करीब सवा लाख की सिविल एवं सैन्य आबादी को यहां बड़ी राहत मिलने जा रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट के लिए सैन्य इलाके में मिलिट्री इंजीनियर्स सर्विस द्वारा प्रारंभिक ग्राउंड सर्वे कर प्रोजेक्ट इस्टीमेट तैयार किया गया। प्रोजेक्ट इस्टीमेट को स्वीकृति के लिए जीओसी इन चीफ सेंट्रल कमान के माध्यम से तीन साल पूर्व रक्षा मंत्रालय भेजा गया था। 27 जून 2013 को रक्षा मंत्रालय ने करीब 47 करोड़ की लागत के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी और फंड जारी कर दिया था। इस प्रोजेक्ट पर अब काम आगे बढ़ गया है, अब सीवर लाइनें बिछाई जाने के लिए सड़कों को खोदा जा रहा है।

अंडर ग्राउंड होगी व्यवस्था

दरअसल, कैंट क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने की पूरी व्यवस्था अंडरग्राउंड होगी। ताकि लोगों को खुले सीवरेज से किसी तरह की कोई दिक्कत न हो।

350 एकड़ में सीवरेज लाइन

इस सिस्टम के तहत कैंट एरिया में 350 एकड़ के बाजार एरिया में सीवरेज लाइन बिछाई जाएगी। जो अपने आप में काफी बड़ा एरिया है। कैंट बोर्ड के अधिकारियों की माने तो 40 करोड़ रुपए का बजट सिर्फ अकेले पाइप का ही होगा।

यहां लगेंगे सीवरेज प्लांट

कैंट एरिया में पानी को फिल्टर करने के लिए 4 जगहों पर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना है। ये प्लांट सिटी के चारों दिशाओं में लगाए जाएंगे। कैंट बोर्ड की प्लानिंग के अनुसार एक प्लांट तोपखाना, दूसरा प्लांट लालकुर्ती, तीसरा रजबन और चौथा प्लांट सदर में लगाए जाएंगे। इन चारों प्लांट की कॉस्ट 30 करोड़ रुपए आंकी जा रही है।

100 करोड़ का होगा बजट

कैंट बोर्ड के अधिकारियों की माने तो इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए 100 करोड़ रुपए पहले ही रक्षा संपदा निदेशालय की ओर से जारी हो चुके हैं। इसके तहत इस पूरे सिस्टम पर काम शुरू कर दिया गया है। अब तो काम जल्द ही खत्म भी कर दिया जाएगा। सीईओ का कहना है कि कम जल्द ही खत्म होगा।

रि-साइकिल की योजना

कैंट बोर्ड एक प्लांट लगाने का भी विचार कर रहे हैं जिसमें सीवरेज वाटर को पूरी तरह से ट्रीट करने के बाद पीने योग्य बनाया जा सके। इससे कैंट में पानी की किल्लत दूर होगी।