मेरठ (ब्यूरो)। जिले में मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल और सीएचसी-पीएचसी की कोई कमी नहीं है। हर साल लाखों मरीज बेहतर इलाज की उम्मीद में यहां आते हैैं। मगर अफसोस के साथ बताना पड़ रहा है कि यहां डॉक्टर्स की भारी कमी है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 145 से ज्यादा डॉक्टर्स की भर्ती की जानी है। मगर गत माह के एक आंकड़े पर नजर डालें तो जिले में 47 पदों पर डॉक्टर्स की भर्ती की जानी थी, मगर 20 ही आवेदन आए।

145 डॉक्टर्स की जरूरत
गौरतलब है कि जनपद में करीब 145 से अधिक डॉक्टर्स की इस समय आवश्यकता है। इनमें एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में 84 डॉक्टर्स की कमी लंबे समय से चल रही है। इसके साथ जिला अस्पताल में 14 महिला डॉक्टर्स और स्वास्थ्य विभाग में 47 डॉक्टर्स कम चल रहे हैं।

47 पदों पर भर्ती
डॉक्टर्स की कमी को दूर करने के लिए गत माह स्वास्थ्य विभाग ने संविदा पर 47 एमबीबीएस डॉक्टर्स की भर्ती निकाली थी। इन सभी पदों के लिए 28 जनवरी को इंटरव्यू का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन इन 47 पदों के लिए मात्र 20 पदों पर ही आवेदन इंटरव्यू की तारीख तक प्राप्त हुए। निर्धारित पदों पर आधे से भी कम पदों पर आवेदन आने से स्वास्थ्य विभाग की उम्मीदें अधूरी रह गई।

लाखों मरीजों पर प्रभाव
वहीं अगर जनपद में मरीजों की संख्या पर नजर डालें तो यह आंकड़ों हर साल लाखों को पार कर जाता है। यानि करीब 15 लाख से अधिक मरीज जनपद में हर साल सरकारी अस्पतालों में चिकित्सीय सुविधा के लिए आते हैं। इनमें सबसे अधिक लोड मेडिकल कॉलेज पर रहता है। इसके बाद पीएल शर्मा अस्पताल का नंबर आता है। वहीं जनपद के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), 31 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 26 नगरीय स्वास्थ्य केंद्र (अर्बन हेल्थ सेंटर) पर हर माह हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं।

इन पदों पर थी चिकित्सकों की जरूरत
पद नाम जगह पदों की संख्या
चिकित्सा अधिकारी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर 30
चिकित्सा अधिकारी नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 08
सलाहकार मेडिसिन जिला अस्पताल 02
फिजिशियन जिला अस्पताल 01
डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कॉर्डिनेटर सीएमओ कार्यालय 01
जनरल फिजिशियन ब्लॉक स्तर 01
पब्लिक हेल्थ ऑफिसर सीएमओ कार्यालय 01

मेडिकल कॉलेज में सर्जनों की कमी चल रही है जिस वजह से गंभीर बीमारियों के ऑपरेशन नहीं हो पाते हैं।
पूजा चौधरी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सक नहीं मिल पाते हैं, क्योंकि चिकित्सकों की कमी चल रही है।
कुमार गंधर्व

सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं का अभाव है जिसके चलते अच्छे डॉक्टर आने से कतराते हैं।
पूजा

कई प्रमुख बीमारियां के चिकित्सक मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है।
शिखर

डॉक्टर्स की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। दोबारा पदों के लिए विज्ञापन निकाल कर भर्ती कराई जाएगी।
डॉ। अखिलेश मोहन, सीएमओ