मेरठ ब्यूरो। छात्रों की सुविधा के लिए सरकार ने एनईपी यानि न्यू एजुकेशन पॉलिसी लागू की थी। उम्मीद थी कि छात्र अपने मनमुताबिक सब्जेक्ट में बेहतर पढ़ाई कर सकें, लेकिन अब सीसीएस यूनिवर्सिटी में एनईपी के तहत बीए, बीएससी और बीकॉम के सेमेस्टर रिजल्ट ही परेशानी का सबब बन गए हैं। हालत यह है कि करीब 30 हजार स्टूडेंट्स के रिजल्ट में गड़बड़ी आ गई है। छात्रों को भी रिजल्ट समझ नहीं आ रहा है। छात्रों ने हंगामा किया तो यूनिवर्सिटी ने संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया। बावजूद इसके, कुछ खास सुधार नहीं हुआ। अब हालत यह है कि बीए, बीएससी और बीकॉम के सेकेंड सेमेस्टर में रिजल्ट में गलतियां जस की तस बनी हुई हैं। इसके साथ ही छात्र आज भी परेशान हो रहे हैं।
केस वन : हर पल बदलता रिजल्ट
आरती बीकॉम की सेकेंड सेमेस्टर में है। शाम सात बजे 52 क्रेडिट आए। एक घंटे बाद यह क्रेडिट बदलकर 46 हो गए। जब तीसरी बार 10 मिनट में रिजल्ट देखा तो 42 क्रेडिट हो गए। हर पल बदलते रिजल्ट को देखकर आरती हैरान है।
केस टू : दो बार बदले क्रेडिट
अंकुश बीएससी के सेकेंड सेमेस्टर के छात्र हैं। उनके सब्जेक्ट वाइज क्रेडिट में दो बार परिवर्तन हुआ। पास होने के बावजूद भी रिजल्ट में फेल नॉट प्रमोट लिखा है। अब अंकुश ने भी इसकी शिकायत यूनिवर्सिटी में की है।
क्रेडिट सिस्टम की गड़बड़ी समझिए
दरअसल, एनईपी के तहत बीए, बीएससी और बीकॉम में अलग अलग सब्जेक्ट में एक सेमेस्टर में पास होने के लिए क्रेडिट निर्धारित किए गए हैं। किसी भी स्ट्रीम में पास होने के लिए एक सेमेस्टर में 23 क्रेडिट और दोनों सेमेस्टर में 46 क्रेडिट होने चाहिए। अब गड़बड़ी यहीं से शुरू हो गई है। कुछ छात्रों को रिजल्ट में 52 क्रेडिट तक दिए गए हैं। साथ ही प्रैक्टिकल में निर्धारित दो क्रेडिट के स्थान पर कुछ स्टूडेंट्स को 4 या 6 क्रेडिट दिए गए। अब उनके रिजल्ट में गड़बड़ी आ रही है।
पहले पास, 60 मिनट बाद फेल
रिजल्ट में गड़बड़ी ऐसी है कि ऑनलाइन ही छात्रों का परिणाम बदल रहा है। 20 से 60 मिनट में ही क्रेडिट में डिफरेंस आ रहा है। सीसीएसयू में अरुण बीकॉम सेकेंड ईयर के छात्र हैं। अरुण के मुताबिक रिजल्ट में पहले उनके 42 क्रेडिट शो हो रहे थे। एक घंटे बाद क्रेडिट बढक़र 44 हो गए। कुछ देर बाद देखा तो क्रेडिट 43 हो गए। कमोवेश यही कहानी बीएससी सेकेंड सेमेस्टर की छात्रा नेहा ठाकुर की है। नेहा ने बताया कि सेकेंड सेमेस्टर में उनके 52 क्रेडिट आए, दो घंटे बाद रिजल्ट डाउनलोड किया तो क्रेडिट 46 हो गए। सब्जेक्ट के माक्र्स भी चेंज हो गए।
फेल नॉट प्रमोट की परेशानी
यही नहीं, कुछ छात्रों के रिजल्ट में पासिंग माक्र्स हैं, फिर भी रिजल्ट में फेल नॉट प्रमोट लिखा है। कुछ के रिजल्ट में नॉट प्रमोट लिखा है। बीएससी सेकेंड सेमेस्टर की छात्रा आरती की माक्र्सशीट में फेल नॉट प्रमोट लिखा है, जबकि उसके पासिंग माक्र्स हैं। बीए सेकेंड सेमेस्टर के आशीष शर्मा के रिजल्ट में पासिंग माक्र्स हैं। वे पास भी हैं, लेकिन रिजल्ट में नॉट प्रमोट लिखा है।
जनवरी में आया था रिजल्ट
यूनिवर्सिटी में एनईपी के रिजल्ट 19 व 21 जनवरी को आए थे। तभी छात्रों ने गड़बडिय़ों को लेकर हंगामा किया। इसके बाद 23 जनवरी को यूनिवर्सिटी स्तर से एनईपी का रिजल्ट वेबसाइट से हटा लिया। संशोधित रिजल्ट 9 मार्च आया। बावजूद इसके, दिक्कतें कम नहीं हुई हैं।
सॉफ्टवेयर में समस्या
सीसीएसयू के रजिस्ट्रार धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस मामले में छात्रों की शिकायतें आई हैं। साफ्टवेयर में गड़बड़ी के चलते परेशानी आई है। इस पर कार्य चल रहा है। छात्रों की समस्याएं जल्द ठीक हो जाएंगी।
रिजल्ट में दिक्कत आ रही है। इसको लेकर हमने यूनिवर्सिटी में शिकायत की है। हालत यह है कि तीन बार रिजल्ट में तीन अलग माक्र्स आ रहे हैं।
साहिल

मेरे रिजल्ट में फेल नॉट प्रमोट लिखा हुआ आया है। रिजल्ट को लेकर मैने यूनिवर्सिटी में शिकायत की है, यूनिवर्सिटी में सॉफ्टवेयर की परेशानी बताई जा रही है।
प्रशांत

पहले रिजल्ट गलत दिया, फिर संशोधित दिया तो उसमें भी पास नॉट प्रमोट लिखा आ गया। इसकी कंप्लेन यूनिवर्सिटी में की है।
अमन

कई बार यूनिवर्सिटी रिजल्ट देने के बाद भी ठीक न दे। तो यह गलत है, इससे स्टूडेंट्स का भविष्य भी दांव पर लग रहा है।
अश्वनी