वाराणसी (ब्यूरो)वाराणसी साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अनाधिकृत वेबसाइट के जरिए फर्जी आधार कार्ड, पैनकार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज बनाने के खेल का खुलासा किया थाइस मामले में पुलिस की गिरफ्त में आए बिहार के निरंजन कुमार ने कई और खुलासे किए हैंअनाधिकृत वेबसाइट से पांच लाख से फर्जी आधार कार्ड बनाए हैंइन आधार कार्डों का ज्यादा इस्तेमाल सिमकार्ड खरीदने में किया गया हैबिहार, पश्चिमी बंगाल, हरियाणा व राजस्थान में बैठे साइबर अपराधियों ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए सिम कार्ड लिया हैइसी सिम कार्ड के जरिए अपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं.

बिहार व बंगाल में आसानी से मिल रहा सिमकार्ड

फर्जी आधार कार्ड यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान समेत कई राज्यों में यूज किए गए हैंखासकर सिमकार्ड और अन्य फर्जीवाड़े में इस्तेमाल किए गए हैंयूपी, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान में फर्जी आधार कार्ड के जरिए सिमकार्ड खरीदना थोड़ा मुश्किल है, लेकिन बिहार व पश्चिम बंगाल में आसानी से सिमकार्ड उपलब्ध हो जाता हैबल्क में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेज तैयार होने का मामला सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस सक्रिय हो गई हैफर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किन-किन चीजों में किया गया है, जिसकी जांच पड़ताल भी की जा रही है.

आजमगढ़ से भी साइबर ठगी

पहले झारखंड के जामताड़ा को ही साइबर क्राइम का गढ़ माना जाता था, लेकिन साइबर क्राइम के तेजी से फैल रहे नेटवर्क के चलते अब हरियाणा, दिल्ली, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश, गुजरात और आंध्र प्रदेश में कई जिले हॉटस्पॉट बन गए हैंपूर्वांचल का आजमगढ़ जिला भी साइबर ठगों का अड्डा है, जहां से वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में साइबर ठगी की घटना को अंजाम दिया जा रहा हैआतंकी गतिविधियों को लेकर आजमगढ़ अक्सर सुर्खियों में रहता हैअबू सलेम भी यहीं का रहने वाला है.

अफजल व पंकज यादव की तलाश

अनाधिकृत वेबसाइट के जरिए फर्जी आधार कार्ड, पैनकार्ड, वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज बनाने के खेल का मुख्य किरदार अफजल आलम और पंकज यादव हैपूछताछ में निरंजन ने इन दोनों के बारे में कई चौकाने वाली जानकारी दी हैइसी आधार पर इन दोनों की तलाश शुरू कर दी गई हैसाइबर फ्रॉड पंकज यादव और अफजल आलम ने ही फर्जी दस्तावेज बनाने की ट्रेनिंग दी हैनिरंजन के अलावा कितने लोगों को यह ट्रेनिंग दी गई है और कहां-कहां अनाधिकृत वेबसाइट से फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी समेत अन्य दस्तावेज बनाने का खेल चल रहा है, साइबर थाना पुलिस इसकी भी पड़ताल कर रही है.

10 लाख तक का जुर्माना

तेजी से बढ़ रहे साइबर क्राइम को देखते हुए सरकार ने सिम कार्ड जारी करने को लेकर नया फैसला लिया हैथोक में सिम कार्ड बेचने के लिए सिम डीलरों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया हैसरकार के इस कदम से फर्जी सिम कार्ड की बिक्री और एक ही नाम या आईडी पर कई सारे सिम कार्ड की बिक्री पर रोक लगेगीइससे स्पैमिंग में भी कमी देखने को मिल सकती हैइसी क्रम में वाराणसी में भी बड़ी संख्या में मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैंकई डीलरों को ब्लैक लिस्ट में डाल गया हैबिना पुलिस वेरिफिकेशन सिम कार्ड बेचने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना है.

फर्जी वेबसाइट से बड़ी संख्या में आधार, पैन, वोटर आईडी कार्ड समेत अन्य दस्तावेज बनाने का मामला सामने आया हैइन दस्तावेजों का साइबर अपराधियों ने सिमकार्ड समेत अन्य कार्यों में इसका इस्तेमाल किया हैसाइबर थाना पुलिस की टीम इसकी गहनता से जांच कर रही है.

अखिलेश चौरसिया, डीआईजी