वाराणसी (ब्यूरो)जरूरत पडऩे पर हर आदमी घर, कार, शादी और शिक्षा समेत अन्य चीजों के लिए बैंक से लोन लेता हैपर कभी-कभी हालात ऐसे भी आ जाते हैं कि कर्ज चुकाने में परेशानी हो सकती हैबैंक या अन्य एनबीएफसी संस्था से लिया लोन चुकाना भी जरूरी होता है और इन कंपनियों में बैठे लोग लगातार अपने ग्राहकों से संपर्क करते हैंलेकिन, कई बार देखने में आया है कि बैंक के रिकवरी एजेंट लोन उगाही के नाम पर गलत व्यवहार करते हैंबनारस में अब इस तरह के केस ज्यादा बढ़ गए हैं, जिससे लोग बैंक और एनबीएफसी के रिकवरी एजेंट के व्यवहार से डिप्रेशन में आ रहे हैंऐसे एक-दो नहीं बनारस के 40 से 50 हजार लोग हैं, जिनका लोन ईएमआई के नाम पर हरासमेंट हो रहा है.

केस-1

चितईपुर निवासी संजय जायसवाल ने 5 साल पहले बजाज फाइनांस से एक लाख का पर्सनल लोन लिया थाइसमें मेल राशि के साथ आधी राशि सिर्फ ब्याज की थीलॉकडाउन के समय ईएमआई देने में असमर्थ संजय ने आईबीएआई की ओर से मिली सहूलियत के तहत दो माह का मोरेटोरियम लिया, लेकिन, उनसे इतना ज्यादा ब्याज लेना शुरू कर दिया गया कि संजय मेंटली डिस्टर्ब हो गएअंत में फैमिली की मदद से दो माह पहले लोन क्लोज कराया गया.

केस-2

लंका के प्रभांशु रंजन ने चार साल पहले होम क्रेडिट एप के माध्यम से 50 हजार का पर्सनल लोन लिया थालॉकडाउन के दौरान ईएमआई न चुका पाने की वजह से उन्होंने ने दो माह के लिए मोरेटोरियम लिया, लेकिन उनकी ईएमआई इंट्रेस्ट के साथ एक्स्टेंड कर दी गईजब लोन क्लोज होने का समय आया तो होम क्रेडिट ने उस दो ईएमआई के बदले 8 ईएमआई आगे बढ़ा दियाशिकायत करने पर सिर्फ इंट्रेस्ट लेकर लोन क्लोज किया गया.

डरने की नहीं, लडऩे की जरूरत

फाइनेंस एक्सपर्ट का कहना है कि लोन लेने के बाद यदि बैंक रिकवरी एजेंट दुव्र्यवहार करता है तो डरिये नहीं बल्कि इसके खिलाफ आवाज उठाएंइस मामले पर आरबीआई ने कुछ नियम बनाए हैंइनके तहत अगर कोई बैंक ग्राहकों को लोन के पैसे न चुकाने की स्थिति में डराता-धमकाता है या मोरेटोरियम के नाम पर एक्स्ट्रा वसूली करता है तो इसके लिए आरबीआई या कंज्यूमर फोरम में जाकर शिकायत की जा सकती हैसाथ ही पेनॉल्टी भी मांग सकते हैं.

कैसे शुरू होती रिकवरी की प्रक्रिया

लगातार लोन की दो ईएमआई नहीं चुकाने की स्थिति में बैंक सबसे पहले आपको रिमाइंडर भेजता हैवहीं, होम लोन की लगातार तीन किस्तों का भुगतान नहीं करने पर बैंक आपको एक कानूनी नोटिस भेजता हैबावजूद इसके भी अगर आपने ईएमआई पूरी नहीं दी तो बैंक की तरफ से आपको डिफॉल्टर घोषित कर दिया जाता हैइसके बाद बैंक ग्राहक से लोन की रिकवरी के प्रयास शुरू करता हैरिकवरी के दौरान आरबीआई के दिशानिर्देश यह कहते हैं कि ग्राहकों के कानूनी अधिकारों और दायित्वों का सम्मान किया जाए.

कहां करें शिकायत

लोन रिकवरी के गलत तरीकों जैसे- ग्राहक को धमकाना, ज्यादा ब्याज, ईएमआई वसूलने और प्रताडि़त करने को सुप्रीम कोर्ट ने अपराध माना हैअगर कोई रिकवरी एजेंट लोन लेने वालों को डराता, धमकाता है तो इसकी शिकायत बैंक के साथ-साथ थाने में भी करेंऐसा केस सिविल विवाद के दायरे में आता हैबैंक, एनबीएफसी या उसका कोई रिकवरी एजेंट मनमानी नहीं कर सकता है.

क्या होता है लोन मोरेटोरियम

लोन मोरेटोरियम में लोन के भुगतान के लिए थोड़ा समय दे दिया जाता हैइसमें व्यक्ति को एक निश्चित समय तक किस्त नहीं चुकानी पड़तीजैसे अगर कुछ समय के लिए लोन लिया है, तो मोरेटोरियम के जरिए लोन की ईएमआई चुकाने से एक निश्चित समय के लिए राहत मिल जाती है.

कैसे काम करता है

मोरेटोरियम के जरिए लोन की किस्त को रोक सकते हैं, लेकिन इसमें ईएमआई माफ नहीं होती और न ही उस पर लगने वाले ब्याजयानी जिस पीरियड में आपको लोन की ईएमआई से छूट मिली है, उसमें भी लोन पर लगने वाला ब्याज देना होता है.

आरबीआई की गाइडलाइन

-बैंकों या अन्य कर्ज देने वाली कंपनियों को अपनी सभी लोन रिकवरी एजेंसियों की जानकारी वेबसाइट पर देना अनिवार्य है.

-बैंक के लोन रिकवरी एजेंट शारीरिक, मानसिक और मौखिक किसी भी रूप में ग्राहक के साथ हरासमेंट नहीं कर सकते हैं.

-ये रिकवरी एजेंट लोन लेने वाले ग्राहकों को किसी माध्यम से अनुचित, धमकाने वाले मैसेज नहीं भेज सकते हैं.

-ये रिकवरी एजेंट ग्राहकों को बिना नाम बताए या गलत नाम बताकर कॉल नहीं कर सकते हैं.

-इतना ही नहीं ये एजेंट ग्राहकों को सुबह 8 बजे से पहले और शाम 7 बजे के बाद कॉल नहीं कर सकते हैं.

-मोरेटोरियम के नाम पर एक्स्ट्रा वसूली नहीं कर सकते.

लॉकडाउन में जब मोरेटोरियम का फायदा दिया जा रहा था तो उस समय उस पीरियड की स्किप हुई ईएमआई के ब्याज को पाटने के लिए बैंकों की ओर से अलग लोन दिया गया थाजैसे अगर किसी का 10 हजार का लोन था तो उसका 30 परसेंट अलग लोन दिया गया, ताकि वो उस समय का इंट्रेस्ट चुका सकेएनबीएफसी पर हमारा कंट्रोल नहीं है.

प्रभात सिन्हा, एलडीएम

आरबीआई की गाइडलाइन और गवर्नमेंट पॉलिसी के तहत ही किसी भी मोरेटोरियम लोन की ईएमआई ली जा सकती हैअगर किसी से ज्यादा पैसा लिया गया है तो उसे रिफंड करने का प्रावधान है.

दीपक साहू, सेल्स मैनेजर, बजाज फाइनेंस