-बारिश का 12 साल का टूटा रिकॉर्ड

जून माह में अभी तक 370 मिमी हो चुकी बरसात

मानसून बनारस पर मेहरबान है। शुरुआत में ही झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत दी। सोमवार को भोर में तेज हवा के साथ हुई जबरदस्त बारिश ने 12 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस मानसून में अभी तक 370.5 मिमी बारिश हो चुकी हैं, जबकि माह खत्म होने में एक दिन बाकी है। मौसम विज्ञानी प्रो। एसएन पांडेय के अनुसार वर्ष 2008 के जून माह में 345 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। अभी आगे भी कई दिनों तक लगातर बारिश की संभावना है।

तीन जुलाई तक भारी बारिश की संभावना

15 जून से ही वाराणसी में बारिश हो रही है। हालांकि इस बीच बीते शनिवार को पूरे दिन धूप खिली थी। कई दिनों के बाद एक दिन बारिश में ब्रेक लगा था, लेकिन रविवार और सोमवार को फिर से मौसम ने पलटी मार दी। मौसम विभाग के बाबतपुर कार्यालय के अनुसार रविवार भोर और दिन में भी जमकर बरसात हुई। शनिवार सुबह साढ़े आठ से रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक 27.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे तक 1.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। बीएचयू के अनुसार 29 जून तक 370 मिमी बारिश दर्ज की गई। प्रो। एसएन पांडेय ने बताया कि तीन जुलाई तक अभी बारिश के लक्षण दिखाई दे रहे है।

बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर

सोमवार की सुबह में बारिश होने के बाद फिर से तापमान में भारी गिरावट हो गई है। इसके कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है। रविवार सुबह आठ बजे तक यहां पर गंगा 60.52 मीटर के निशान पर बह रही थी। वहीं शाम को बढ़ाव की रफ्तार पर विराम लग गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शाम सोमवार रात आठ बजे तक जल स्तर 60.48 मीटर हो गया था। वहीं सोमवार की सुबह बढ़कर गंगा 60.56 मीटर पर बहने लगी।

ग्रामीण इलाके में ज्यादा हो रही बारिश

बारह साल बाद मानसून पूरी तरह से बनारस पर मेहरबान है, लेकिन यह मेहरबानी शहर में कम और ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दिख रही है। पिंडरा, चोलापुर, अराजीलाइन, चिरईगांव ब्लॉक में मानसून की सक्रियता ज्यादा दिख रही है। मौसम विभाग के अनुसार शहरी इलाकों में 150 मिमी से कम बारिश हुई है, जबकि ग्रामीण इलाकों की बात करें तो यह आंकड़ा 220 मिमी है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार बीएचयू परिसर में 49.6 मिमी और बाढ़ क्षेत्र में 54 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

वर्जन

अभी तीन जुलाई तक इसी तरह मौसम बना रहेगा और भारी बारिश की पूरी संभावना है। साइक्लोनी हवा के हिमालय से टकराने के बाद बारिश पर ब्रेक लगेगा। इसके बाद आठ से 10 दिन तक बारिश नहीं होगी।

प्रो। एसएन पांडेय, मौसम वैज्ञानिक-बीएचयू