वाराणसी (ब्यूरो)पीएम नरेंद्र मोदी की वजह से वाराणसी संसदीय सीट पर पूरी दुनिया की नजर हैहालांकि यहां पर सातवें यानी अंतिम चरण में वोटिंग होगीवाराणसी में मतदान के साथ आम चुनाव भी खत्म हो जाएगाऐसी स्थिति में राजनैतिक पार्टियों के दिग्गजों का जमावड़ा होगा तो मसल पॉवर, मनी, मिस इंफार्मेशन और एमसीसी वाइलेशन यानी आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन भी हो सकता है। 4एम से निपटने के लिए वाराणसी के विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है, जो मंगलवार से एक्टिव भी हो गयायह कंट्रोल 24 घंटे काम करेगाएडीएम वित्त को इसका नोडल अधिकारी बनाया गया हैइसके साथ ही एसडीएम रैंक के तीन अधिकारियों को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है.

तीन शिफ्ट में काम करेगा कंट्रोल

स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से सकुशल चुनाव सम्पन्न कराने के लिए विकास भवन के सेकेंड तल पर कंट्रोल रूप स्थापित किया गया हैइसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए तीन शिफ्ट में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई हैसुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक एसडीएम शिवानी सिंह, दोपहर 2 से रात्रि 10 बजे तक एसडीएम सुनीता गुप्ता और रात्रि दस से अगले दिन सुबह 6 बजे तक के लिए एसडीएम अरविंद कुमार की तैनाती की गई हैइसके साथ ही शिफ्टवार दो-दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है.

शक्ति प्रयोग को काबू करने की तैयारी

निर्वाचन के दौरान आने वाली शिकायतों को तत्काल संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना होगाबाद में इसके निस्तारण की जानकारी भी लेनी होगीचुनाव के दौरान सबसे पहले मसल पावर को कंट्रोल करने के लिए सीएपीएफ की तैनाती पर्याप्त संख्या में होगीकिसी प्रकार की हिंसा और खूनी-खेल को रोकने के लिए कमिश्नरेट पुलिस की मदद ली जाएगीइसके अलावा पीएसी समेत अन्य फोर्स भी उपलब्ध रहेगीजो किसी भी तरह की शिकायत आने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करेंगेजहां से भी अवैध सामान पहुंच सकता है, उन सभी जगहों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगीअंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कई जगहों पर ड्रोन से नजर रखी जाएगीडबल वोटिंग मामले में भी सख्त कार्रवाई होगी.

धन प्रयोग को लेकर होगी सख्ती

चुनाव में अक्सर धन यानी पैसों का प्रयोग करने की शिकायत आती हैइसके लिए प्रवर्तन एजेंसियों को अलर्ट मूड पर रखा जाएगाजीएसटी, एक्साइज, इनकम टैक्स, एसएसबी, नारकोटिक्स और जहां से भी मुफ्त रेवड़ी आने की गुंजाइश है, वहां कड़ी निगरानी की जाएगीसड़क मार्ग से पैसे ले जाने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगाजिन राज्यों में कमर्शियल के अलावा अन्य एयर स्ट्रिप हैं, वहां उतरने वाले चार्टर्ड विमानों और हेलीकॉप्टरों की चेकिंग होगीरेलवे में भी कड़ी जांच की जाएगी.

गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

गलत जानकारी पर भी नजर रखी जाएगीखासकर सोशल मीडिया पर ज्यादा फोकस रहेगागलत होने पर आलोचना करना स्वीकार्य है, लेकिन गलत जानकारी नहीं देनी हैकिसी भी तरह की गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैंआईटी एक्ट के सेक्शन 69 के तहत सोशल मीडिया पोस्ट हटवाने का अधिकार दिया जाएगाइस बात का भी खास ध्यान रखा जाएगा कि किसी भी प्रकार के पोस्ट से माहौल खराब होता है, तो पोस्ट को लेकर एकजुट करने का काम किया जाएगा.