वाराणसी (ब्यूरो)महिलाओं की सुरक्षा के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैैं, फिर भी छेड़छाड़ व रेप की घटनाएं थम नहीं रही हैैंकानून सख्त होने के बाद भी आखिर क्यों ये केस नहीं रूक रहे हैंये एक सवाल बनकर हम सभी के सामने बार-बार आता हैमहिला पुलिस की मानें तो वह महिला सुरक्षा के लिए दिन-रात काम कर रही है और इसके लिए तमाम प्रयास भी कर रही हैंलेकिन, उसी थाने में रोज महिलाओं के साथ हो रही घटनाओं के केस भी दर्ज हो रहे हैंयही नहीं बनारस में कई ऐसे ब्लैकस्पॉट हैं जहां पर युवतियों के साथ छेड़छाडकी घटनाएं सबसे ज्यादा सामने आती हंैआइये जानते है कौन सी है वो जगह और किस तरह के आते हैैं केस.

ये हैैं ब्लैकस्पॉट

युवतियों के साथ हो रही छेड़छाड़ के मामले सबसे ज्यादा यूनिवर्सिटी व कॉलेज के पास से आते हैंइसमें जो छेड़छाड़ के ब्लैकस्पॉट है, उसमें काशी विद्यापीठ, बीएचयू, आर्य महिला कॉलेज और कई इंटरमीडिएट स्कूल भी शामिल हैंमहिला थाने में छेड़छाड़ के जो मामले दर्ज हो रहे हैं, वह सबसे ज्यादा इन जगहों से ही आ रहे हैंबात करें केस की तो हर तीन दिन में एक युवती के साथ छेड़छाड़ हो रही हैऔर उसकी शिकायत महिला थाने में दर्ज भी रही है.

फैक्ट एंड फीगर

61

रेप के केस एक साल में

02

मुकदमे दुष्कर्म के प्रयास के

113

मामले छेडख़ानी के दर्ज हुए

इन जगहों से आए छेड़छाड़ के केस

-काशी विद्यापीठ के बाहर से एक महीने में 16 मामले

-बीएचयू में युवतियों संग 24 मामले आए सामने

-यूपी कॉलेज के बाहर हुईं 17 घटनाएं

-आर्य महिला कॉलेज के बाहर से आए 15 केस

-वसंत कन्या कॉलेज के बाहर से आई 25 घटनाएं

केस-1

4 दिन पहले एक लड़की के साथ छेड़छाड़ की घटना हुईमहमूरगंज में रहने वाली प्रीति (काल्पनिक नाम) आर्य महिला कॉलेज की स्टूडेंट हैकॉलेज आते जाते उसे एक लड़का रोज परेशान करता थाकई बार वह प्रीति का पीछा करता थाइसके बाद परेशान होकर उसने महिला थाने में उस लड़के के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराईइसके बाद उस लड़के पर कार्रवाई की गईपता चला कि वह लड़का रोज कॉलेज के बाहर खड़ा होकर लड़कियों को परेशान करता था.

केस-2

बीएचयू की छात्रा सोनाली (काल्पनिक नाम) को उसके कॉलेज का ही लड़का परेशान करता थाकॉलेज के ग्रुप से उसने सोनाली का नंबर निकाला और कॉल व मैसेज करके परेशान करने लगाइससे तंग आकर सोनाली ने उसकी शिकायत महिला थाने में दर्ज कराईउस लड़के को वार्निंग दी गई कि फिर से ऐसा किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगीऐसे एक-दो नहीं बल्कि सैकड़ों केस आए दिन महिला थाने में आते हैैं.

पुलिस कर रही सुरक्षा के लिए काम

महिला थाना प्रभारी निकिता सिंह ने बताया कि कॉलेज के आसपास से सबसे ज्यादा छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती हैंलड़कियों की सुरक्षा के लिए एंटी रोमियो टीम कॉलेज, स्कूल के पास तैनात रहती हैवहीं कॉलेज के कैमरे भी आए दिन चेक किए जाते हैंमहिलाएं अपने साथ हो रहे अपराध को लेकर जागरुक हों, इसके लिए स्कूल, कॉलेज में सेमिनार का आयोजन किया जाता हैसरकार द्वारा जो महिला सुरक्षा के लिए कानून बनाए गए है, उसका फायदा कैसे उठाएं इसकी जानकारी भी दी जाती है.

युवतियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सबसे ज्यादा कॉलेज के आसपास होती हैइसको रोकने के लिए महिला पुलिस काम कर रही हैएंटी रोमियो टीम स्कूल व कॉलेज के बाहर तैनात रहती हैकोई घटना होने पर तुरंत एक्शन लिया जाता है.

निकिता सिंह, प्रभारी, महिला थाना